मेगा हाईवे किनारे जले ठूंठ बने हादसों का कारण, दिन-रात रहती है भारी वाहनों की आवाजाही
जनहानि की आशंका लगातार बनी हुई
ग्रामीणों और वाहन चालकों ने सुरक्षा के मद्देनजर हटाने की उठाई मांग।
अरनेठा। मेगा हाईवे किनारे आगजनी अथवा अन्य कारणों से जलकर ठूंठ बन चुके पेड़ अब आमजन के लिए खतरे का कारण बनते जा रहे हैं। सड़क किनारे खड़े जर्जर और कमजोर ठूंठों के चलते दुर्घटना एवं जनहानि की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने प्रशासन से इनके शीघ्र निस्तारण की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने बताया कि कस्बे एवं आसपास के क्षेत्रों से गुजर रहे मेगा हाईवे मार्ग पर कई स्थानों पर पेड़ जलने के बाद केवल उनके ठूंठ ही शेष रह गए हैं। तेज हवा, आंधी अथवा बारिश के दौरान इनके अचानक गिरने की संभावना बनी रहती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क सुरक्षा की दृष्टि से जले हुए और कमजोर पेड़ों को हटाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। रात के समय दृश्यता कम होने के कारण हादसों की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबंधित विभाग से मांग की है कि हाईवे किनारे मौजूद जले हुए पेड़ों और ठूंठों का सर्वे करवाकर उनका सुरक्षित निस्तारण कराया जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं से बचाव हो सके और आमजन को सुरक्षित आवागमन सुविधा मिल सके।
सड़क एवं नहर किनारे दुर्घटनाओं को निमंत्रण देने वाले सफेदो को लेकर प्रक्रिया चल रही है। सीएडी वाले भी कर रहे हैं, या तो आप कटवाएं या हमें स्वीकृति प्रदान करें। इस मामले को हमने लिखित में उच्च अधिकारियों को दे दिया है टेंडर कौन करेगा वन विभाग या सीएडी इस निर्णय पर चर्चा चल रही है।
- दशरथ सिंह राठौड़, रेंजर, वन विभाग, केशोरायपाटन।

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