मुख्य ड्रेन की क्षतिग्रस्त पुलिया छह माह से अधूरी, हादसे का खतरा
पुलिया के दोनों ओर सुरक्षा दीवार का अभाव
वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू ने एसआईआर में 10वीं के प्रवेश पत्र को दस्तावेज मानने पर आपत्ति जताई। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि प्रवेश पत्र को पूरक दस्तावेज माना जाता है, तो उसके साथ 10वीं उत्तीर्ण करने का प्रमाण पत्र भी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।
कापरेन। शहर के शक्ति चौराहे पर मुख्य ड्रेन की क्षतिग्रस्त पुलिया छह माह बाद भी स्थायी रूप से निर्मित नहीं हो सकी है। अगस्त 2025 में आई बाढ़ के दौरान यह पुलिया बह गई थी। मुख्य मार्ग बाधित होने पर संबंधित विभाग ने तत्काल सीमेंट नाले दबाकर मिट्टी व ग्रेवल डाल आवागमन शुरू तो करवा दिया, लेकिन अब तक पक्की पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया। वर्तमान में पुलिया के दोनों ओर सुरक्षा दीवार का अभाव है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार बीते महीनों में कई मवेशी नाले में गिर चुके हैं, वहीं दो बाइक सवार संतुलन खोकर नीचे जा गिरे। गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन खतरा लगातार बना हुआ है। बारिश के दौरान अस्थायी पुलिया पर फिसलन बढ़ जाती है, जिससे राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है।
शक्ति चौराहा शहर का प्रमुख यातायात केंद्र है, जहां से दिनभर लोडिंग वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली, स्कूली वाहन एवं आमजन का आवागमन रहता है। पुलिया संकरी होने से एक साथ दो बड़े वाहन आने पर जाम की स्थिति बन जाती है।पूर्व पार्षद द्वारका लाल मीणा, अशोक चौरसिया, कन्हैया लाल सेन एवं छगन बाबर ने चेतावनी दी कि शीघ्र पक्की पुलिया और सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने नगरपालिका प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
इनका कहना है
शक्ति चौराहे पर पुलिया निर्माण की सेक्शन अभी आई है,एक -दो दिन में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। संभवत: महीने भर में पुलिया निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
- चिराग जैन,एईएन पीडब्ल्यूडी विभाग
यह पुलिया शहर की जीवनरेखा है। छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थायी निर्माण नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए।
- राजेंद्र पाटनी, पूर्व पालिका अध्यक्ष
सुरक्षा दीवार नहीं होने से सबसे ज्यादा खतरा रात के समय रहता है। कई बार मवेशी और बाइक सवार गिर चुके हैं। यहां तुरंत मजबूत रेलिंग लगाई जानी चाहिए।
- प्रवीण सिंह सिसोदिया, स्थानीय निवासी
दिनभर भारी वाहन निकलते हैं। पुलिया संकरी होने से जाम लगता है और हादसे की आशंका बनी रहती है। अस्थायी मरम्मत से काम नहीं चलेगा, पक्की पुलिया का निर्माण जरूरी है।
- सुनील गोयल, व्यापारी
यह मार्ग आसपास के गांवों को शहर से जोड़ता है। रोजाना स्कूली बच्चे और मरीज गुजरते हैं। प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए।
- संजय तिवारी, भाजपा नेता

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