डोबड़ा-भगवानपुरा खस्ताहाल सड़क से हादसे की आशंका, एंबुलेंस भी समय पर नहीं पहुंच पा रही
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
छह किलोमीटर लंबी सड़क महीनों से अधूरी, बारिश में हालात होंगे बदतर।
सूमर। सूमर उपखण्ड के डोबड़ा-भगवानपुरा मार्ग, जो बारां-झालावाड़ मेगा हाईवे से जुड़ता है, विकास के दावों के बीच बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। करीब 6 किलोमीटर लंबी यह सड़क पिछले तीन महीनों से खुदी पड़ी है, जो अब ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या और खतरे का कारण बन गई है। सड़क की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि हर कदम पर हादसे का डर बना रहता है। उबड़-खाबड़ रास्ता, बिखरे पत्थर और धूल से भरा मार्ग आमजन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि इसी रास्ते से गुजरने वाली एंबुलेंस और अन्य आपात सेवाएं भी समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं। इस मार्ग से डोबड़ा, भगवानपुरा, रामपुरा, सिंगोला, भोजूखेड़ी,खुजा पदमिया आदि गांव कालारेवा तक जुड़े हुए है।
बदहाल स्थिति ने जनजीवन को प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि उनके अधिकांश जरूरी कार्य खानपुर में ही होते हैं चाहे चिकित्सा सुविधा हो, सरकारी कामकाज हो या अन्य आवश्यकताएं। लेकिन इस खराब सड़क के चलते वहां तक पहुंचना अब जोखिम भरा और समयसाध्य हो गया है। इस मुद्दे पर सत्यनारायण नागर, नरेश प्रजापति ,सत्येंद्र नागर, पवन नागर, मुकेश शर्मा और कमल नागर सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह मार्ग गांव की जीवनरेखा है, लेकिन इसकी बदहाल स्थिति ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
इधर, ग्रामीणों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि आगामी दो महीनों में बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में सड़क की स्थिति और अधिक खराब होकर कीचड़ व गड्ढों में तब्दील हो सकती है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित होने का खतरा है। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे और डोबड़ा से भगवानपुरा तक इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू कर इसे शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और क्षेत्र का आवागमन सुचारू हो सके।
करीब 3 महीने पहले सड़क को खोद दिया गया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला। अधूरा काम छोड़ दिया गया है और इसका खामियाजा ग्रामीणों को रोज भुगतना पड़ रहा है।
- सुरेंद्र नागर, भाजपा युवा मोर्चा जिला मंत्री
यह सड़क हमारे गांव की जीवनरेखा है, लेकिन इसकी हालत ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
-नरेश प्रजापति, ग्रामीण
कांट्रेक्टर के पुराने कार्यों का भुगतान अटका हुआ है। साथ ही डामर के टैंकर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। डामर लाने के लिए लगाई गई गाड़ी फिलहाल वेटिंग में है, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
-सत्यनारायण मीणा, अधिशाषी अभियंता

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