एक चिकित्सक के भरोसे है बांसी का सरकारी अस्पताल

मौसम परिवर्तन के साथ ही अस्पताल में बढ़ी रोगियों की संख्या

एक चिकित्सक के भरोसे है बांसी का सरकारी अस्पताल

अस्पताल में दो दर्जन से अधिक ग्रामीण अंचलों के लोग उचित उपचार की आशा में यहां आते हैं।

भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इस समय मौसम परिवर्तन होने के साथ ही रोगियों की संख्या बढती जा रही है। पर यहां फैली अव्यवस्था को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। बांसी अस्पताल में रोगियों के साथ आने वाले तीमारदार भी परेशान हो रहे हैं।  जानकारी के अनुसार देई रोड़ पर स्थित बांसी सरकारी अस्पताल को वर्ष 2023 में फरवरी माह के बजट में तत्कालीन सरकार द्वारा पीएचसी से सीएचसी में क्रमोन्नति के बाद सरकार द्वारा संबंधित विभाग से यहां पर चिकित्सकों के पांच पद स्वीकृत है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्तमान स्थिति में दो ही चिकित्सक लगा रखे हैं। जिनमें से भी एक चिकित्सक के अस्पताल से संबंधित कार्य से मीटिंग सहित अन्य कार्य से चले जाने से एक चिकित्सक के भरोसे ही बांसी अस्पताल संचालित हो रहा है। अस्पताल में दो दर्जन से अधिक ग्रामीण अंचलों के लोग उचित उपचार की आशा में यहां आते हैं। पर यहां स्टॉफ की कमी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से भी मरीजों को जूझना पड़ता है। शनिवार को अस्पताल में एक ही कार्यरत चिकित्सक होते हुए भी रोगियों की अधिक संख्या होने से भर्ती वार्ड में एक बैड पर ही दो रोगियों को समायोजित करके ड्रिप लगाकर उपचार चल रहा था। वहीं कुछ को वार्ड परिसर में ही कुर्सी पर ही ड्रिप लगाई जा रही थी। रोगियों का कहना था कि पर्याप्त जगह नहीं होने से उपचार लेने में समय लगता नजर आने पर जहां जगह नजर आई वहीं पर जैसी व्यवस्था होने पर ही उपचार लेने को मजबूर होना पडता है। मरीजों ने कहा कि अस्पताल में बैड की बढ़ोतरी हो तो रोगियों को ऐसी समस्याओं से राहत मिले। संबंधित विभाग द्वारा समय रहते पदरिक्त चल रहे चिकित्सकों के पदों को भी भरा जाए तो यहां पर आगंतुक रोगियों को इस तरह परेशान नहीं होना पड़े। इस गर्मी में चिकित्सक को दिखाने के लिए अपनी बारी का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। वही फिर रजिस्ट्रेशन, दवा वितरण काउंटर व फिर भर्ती वार्ड में भी उपचार के लिए मजबूरन बाट जोह रहे है। असुविधाओं के चलते ग्रामीण इलाकों के लोग उचित उपचार के लिए देई, नैनवां, जिला मुख्यालय सहित अन्य बड़े शहरों की रुख करते नजर आते हैं।   

बांसी अस्पताल में जो जगह है, उसके आधार पर बैड है। रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। सभी को उपचार देकर भेजते हैं। मौसम परिवर्तन के साथ ही रोगियों की संख्या में इन दिनों बढोतरी होती है। इस समय ओपीडी दो सौ से अधिक रहती है। सभी को उचित उपचार देकर भेजते हैं। 
- डॉ. अशोक कुमार कुमावत, चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बांसी

Post Comment

Comment List

Latest News

ट्यूशन में अकेला पाकर नाबालिग के साथ रेप : पोक्सो में मामला दर्ज, परिवार को जान से मारने की धमकी देकर बार-बार करता रहा गलत काम ट्यूशन में अकेला पाकर नाबालिग के साथ रेप : पोक्सो में मामला दर्ज, परिवार को जान से मारने की धमकी देकर बार-बार करता रहा गलत काम
पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर बार-बार उसके साथ गलत काम करता रहा। भाई के...
भाजपा ने ‘सुशासन पखवाड़ा’ कार्यक्रमों के लिए की संभाग प्रभारियों की घोषणा, मदन राठौड़ के निर्देशानुसार की गई नियुक्ति 
मोदी ने की हॉर्नबिल महोत्सव की सराहना, कहा- यह भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक 
इजरायल ने हमास के वरिष्ठ कमांडर को किया ढेर :  शीर्ष सरगनाओं में से एक था, संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघनों के लिए सीधे तौर पर था जिम्मेदार 
स्वच्छता जागरूकता एवं श्रमदान कार्यक्रम : जलमहल की पाल पर मुख्यमंत्री ने लगाई झाड़ू, स्वच्छता का दिया संदेश
अमेरिका के विश्वविद्यालय में गोलीबारी : 2 लोगों की मौत, सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह 
दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति बेहद खतरनाक : 460 पर पहुंचा एक्यूआई, तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक