विनियोग-वित्त लेखों में आधिक्य/बचत पर विभागों से मांगी लेखाशीर्षवार टिप्पणियां, 2 मई तक जवाब देने के निर्देश
राजस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध
वित्त विभाग ने वर्ष 2024-25 के विनियोग और वित्त लेखों में शामिल मांगों में हुए आधिक्य और बचत के संबंध में सभी विभागों से लेखाशीर्षवार उत्तर और टिप्पणियां निर्धारित समयसीमा में भेजने के निर्देश जारी किए। इस संबंध में प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने आदेश जारी किया।
जयपुर। वित्त विभाग (अंकेक्षण अनुभाग) ने वर्ष 2024-25 के विनियोग और वित्त लेखों में शामिल मांगों (ग्रांट्स) में हुए आधिक्य और बचत के संबंध में सभी विभागों से लेखाशीर्षवार उत्तर और टिप्पणियां निर्धारित समयसीमा में भेजने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में प्रमुख शासन सचिव (वित्त) वैभव गालरिया ने आदेश जारी किया है। जारी निर्देशों में बताया गया है कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) का प्रतिवेदन, जो 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वर्ष के विनियोग एवं वित्त लेखों से संबंधित है, उसे 3 फरवरी 2026 को राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत किया जा चुका है। संबंधित विनियोग और वित्त लेखे प्रधान महालेखाकार (लेखा व हक) राजस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि लेखों में शामिल विभिन्न मांगों में हुई आधिक्य या बचत के संबंध में विभागवार और लेखाशीर्षवार उत्तर प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा-1) राजस्थान से संवीक्षा के बाद विधानसभा की जनलेखा समिति को भेजना अनिवार्य है। ये उत्तर सदन में प्रतिवेदन प्रस्तुत होने की तिथि से तीन माह के भीतर भेजे जाने हैं। समयसीमा में जवाब नहीं मिलने को जनलेखा समिति गंभीरता से लेती है। सभी विभागों और अधीनस्थ कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित ग्रांट्स पर विस्तृत टिप्पणियां तैयार कर 2 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से भेजें। संवीक्षित उत्तरों की 30 प्रतियां जनलेखा समिति को, चार प्रतियां प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा-1) राजस्थान को तथा एक-एक प्रति निदेशक (वित्त-बजट) और संयुक्त शासन सचिव (वित्त-अंकेक्षण) को भी भेजना सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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