पिंकसिटी को मिले दर्जें को बचाने के लिए बनी कार्य योजना, भविष्य के खतरे को भांप टूटी नींद, विश्व धरोहर के ताज पर संकट
विरासत प्रकोष्ठ को मिलेगी मजबूती
स्थानीय प्रशासन ने सभी विभागों की एक स्पेशल कार्य योजना तैयार की हैं। गत दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस मुद्दें पर गहनता से मंथन के बाद कार्य योजना जारी की गई हैं।
जयपुर। शहर के परकोटे से यूनेस्को का विश्व धरोहर का ताज छिनने का खतरा मंडरा रहा है। कहीं भविष्य में यूनेस्कों की टीमें समीक्षा कर दर्जा वापस नहीं छीन लें, जैसा कि पहले ओमान और जर्मनी के स्थलों के साथ हो चुका हैं। परकोटे में अतिक्रमण, खराब पार्किंग सहित अन्य मानकों का पालन नहीं होने से ये हालात बने हैं। इस खतरे को भांपते हुए ताज के संरक्षण के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सभी विभागों की एक स्पेशल कार्य योजना तैयार की हैं। गत दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस मुद्दें पर गहनता से मंथन के बाद कार्य योजना जारी की गई हैं।
विरासत प्रकोष्ठ को मिलेगी मजबूती
नगर निगम जयपुर को निर्देशित किया गया कि विरासत प्रकोष्ठ में लंबे समय से रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए। विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त मानव संसाधन और तकनीकी विशेषज्ञता के अभाव में ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण में कठिनाइयां आ रही थीं। नए पदस्थापन से संरक्षण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
दिसंबर 2026 तक लागू होगी कार्ययोजना
यह कार्ययोजना दिसंबर 2026 तक लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसको तैयार करने के लिए अधिकारियों की टीमें परकोटा क्षेत्र का भ्रमण करेगी। वास्तविक स्थिति के आधार पर प्रस्ताव तैयार करेगी।
समितियां होंगी पूरी तरह सक्रिय
स्वायत्त शासन विभाग को निर्देश दिए गए कि तीन-स्तरीय विरासत समितियों को शीघ्र क्रियाशील किया जाए। समितियों से नीति निर्धारण, स्वीकृति और निगरानी की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। बैठक में माना गया कि समितियों के सक्रिय न होने से विरासत संरक्षण के कार्यों में अपेक्षित गति नहीं आ पा रही थी।
मध्य 2026 तक पूरी होगी विरासत सूची
पिंक सिटी में स्थित सभी विरासत संरचनाओं और विरासती विशेषताओं की विस्तृत सूची वर्ष 2026 के मध्य तक तैयार कर ली जाएगी। यह सूची संरक्षण की प्राथमिकताएं तय करने और समय-समय पर अंतरराष्टÑीय संस्थाओं को जानकारी देने में सहायक होगी।

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