विधायक के आश्वासन के बाद विद्यार्थियों का अनशन स्थगित : राजस्थानी भाषा एवं संस्कृति के स्वतंत्र विभाग की स्थापना की मांग को लेकर छात्र कर रहे थे आन्दोलन, भूख हड़ताल पर थे 2 छात्र
राजस्थानी भाषा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा
आरयू में राजस्थानी भाषा विभाग की मांग को लेकर चला छात्र आंदोलन शनिवार को थम गया। छह दिन से आमरण अनशन पर बैठे लोकेन्द्र सिंह और पूजा शेखावत ने विधायक गोपाल शर्मा के आश्वासन पर नारियल पानी पीकर अनशन खत्म किया। छात्रों ने महंगी फीस और राजस्थानी के लिए नियमित पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग उठाई।
जयपुर। आरयू में राजस्थानी भाषा एवं संस्कृति के स्वतंत्र विभाग की स्थापना की मांग को लेकर छात्रों का आन्दोलन और दो विद्यार्थियों का आमरण अनशन विधायक गोपाल शर्मा के आश्वासन के बाद शनिवार को स्थगित किया। विधायक शर्मा ने उन्हें नारियल पानी पिलाकर अनशन खत्म कराया। कुलगुरु सचिवालय के बाहर दो विद्यार्थी लोकेन्द्र सिंह और पूजा शेखावत पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि राजस्थानी भाषा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि अन्य भाषाओं की तरह राजस्थानी भाषा के लिए भी नियमित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं। छात्रों का आरोप था कि राजस्थानी भाषा में स्नातकोत्तर करने के लिए एक साल के पचास हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं,जबकि फैंच,इटेलियन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं के डिप्लोमा और पीजी डिग्री पर मात्र 10-15 हजार रुपए ही खर्च होता हैं।

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