पेट्रोल, डीजल एवं गैस संकट पर ARTIA का मंथन, ऊर्जा आत्मनिर्भरता हेतु वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की मांग
आम नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय बन चुकी
अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन (ARTIA) ने पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों और ऊर्जा लागत पर मंथन। बैठक में व्यापार, उद्योग और आमजन पर असर पर चर्चा। संगठन ने केंद्र सरकार को बायोचार, कोयला गैसीकरण और अपशिष्ट-से-मीथेन जैसी वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाओं को शीघ्र लागू करने का सुझाव।
जयपुर। अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन (आरतिया) द्वारा पेट्रोल, डीज़ल एवं रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, ऊर्जा लागत में वृद्धि तथा इसके व्यापार, उद्योग एवं आमजन पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर आयोजित मंथन में विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सराफ, प्रेम बियानी, श्रवण पारीक, संजय शर्मा, पंकज गोयल (दीप ज्योति), हरि शर्मा, हनीफ टांक, प्रकाश छाबड़ा, के. एस. राठौड़, सूर्य प्रकाश शर्मा, संजीव बंसल, नीरज खदरिया, सीए महेंद्र दानी आदि उपस्थित रहे।
बैठक में संगठन ने केंद्र सरकार को विस्तृत सुझाव प्रेषित करते हुए कहा कि बढ़ती ईंधन लागत अब केवल आर्थिक चुनौती नहीं, बल्कि व्यापार, परिवहन, कृषि, लघु उद्योग एवं आम नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय बन चुकी है। ARTIA ने देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए बायोचार, कोयला गैसीकरण एवं अपशिष्ट-से-मीथेन (Waste-to-Methane) जैसी वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाओं को मिशन मोड पर शीघ्र लागू करने की मांग की। संगठन का मानना है कि फसल अवशेष, जैविक कचरे एवं उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर पेट्रोलियम उत्पादों एवं गैस पर निर्भरता को धीरे-धीरे कम किया जा सकता है।

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