महिला से छेड़छाड़ पर अशोक गहलोत का सरकार पर हमला : राजस्थान में बेटियां असुरक्षित, बोले- सरकार व पुलिस प्रशासन मूकदर्शक
पुलिस वीडियो सबूत होने के बावजूद मामला दर्ज होने का इंतजार करती रही
महिला से छेड़छाड़ के मामले पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि वीडियो सबूत के बावजूद पुलिस ने न समय पर एफआईआर की, न आरोपी गिरफ्तार हुए। गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपराध के आंकड़े छिपाने में लगी है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है।
जयपुर। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जयपुर में गर्भवती महिला से छेड़छाड़ घटना पर सरकार पर हमला बोला है। गहलोत ने कहा कि यह दृश्य शर्मनाक है, असहनीय है। एक युवती से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल हुआ, लेकिन पुलिस ने समय पर एफआईआर की और 12 दिन बाद भी आज तक आरोपी गिरफ़्तार नहीं हुए हैं। अब दूसरी घटना में भी पुलिस वीडियो सबूत होने के बावजूद मामला दर्ज होने का इंतजार करती रही।
बीएनएस की धारा 74 स्पष्ट कहती है कि छेड़छाड़ संज्ञेय अपराध है, जिसमें पुलिस स्वयं एफआईआर दर्ज कर सकती है एवं बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है। हमारी कांग्रेस सरकार में अनिवार्य एफआईआर का नियम बनाया था। ऐसी घटनाओं में पुलिस स्वयं मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करती थी। हमारी सरकार आंकड़े कम करने का प्रयास नहीं करती, बल्कि प्रभावी कार्रवाई करती थी। आज वीडियो वायरल है, फिर भी आरोपी खुले घूम रहा है, क्योंकि अपराध के आंकड़े कम दिखाने के लिए भाजपा सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। राजस्थान की बेटियाँ असुरक्षित हैं और राजस्थान सरकार एवं राजस्थान पुलिस मूकदर्शक है।

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