युवाओं-बच्चों की अचानक मौतों पर अशोक गहलोत का सवाल, कहा- युवाओं और बच्चों में बढ़ते कार्डियक अरेस्ट व अचानक मौत बेहद चिंताजनक
भविष्य में अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकें
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने युवाओं व बच्चों में बढ़ते कार्डियक अरेस्ट और अचानक मौतों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने वैक्सीन व लॉन्ग कोविड प्रभावों पर पारदर्शी वैज्ञानिक जांच की मांग की। गहलोत ने राज्य व केंद्र से उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर वास्तविक कारण स्पष्ट करने का आग्रह किया।
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने युवाओं और बच्चों में बढ़ते कार्डियक अरेस्ट व अचानक मौतों पर चिंता जताई है।
गहलोत ने कहा है कि कल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व अन्य विधायकों ने प्रदेश में युवाओं और बच्चों में बढ़ते कार्डियक अरेस्ट व अचानक मौतों पर जो चिंता जताई है, वह अत्यंत गंभीर है। फिट दिखने वाले नौजवानों और डॉक्टरों की ऐसी आकस्मिक मृत्यु समाज में एक गहरे डर और संदेह को जन्म दे रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एस्ट्राजेनेका (कोविशील्ड) जैसी वैक्सीन के रेयर साइड इफेक्ट्स (जैसे टीटीएस) पर चर्चा हो चुकी है। यद्यपि आईसीएमआर की हालिया रिपोर्ट्स (जुलाई 2025) में सीधा संबंध नहीं पाया गया है, लेकिन लॉन्ग कोविड और वैक्सीन के हृदय तंत्र पर प्रभाव को लेकर दुनिया भर में गहन शोध जारी हैं। इस धुंध को साफ करना सरकार की जिम्मेदारी है। हमारी सरकार ने 2023 के बजट में आरयूएचएस में सेंटर फोर पोस्ट कोविड रिहेबिलिटेशन की घोषणा की थी ताकि ऐसे ही विषयों पर शोध हो सके। दुःखद है कि वर्तमान सरकार ने इस दिशा में कदम नहीं बढ़ाए। सरकार इसे सामान्य बताकर पल्ला नहीं झाड़ सकती। गहलोत ने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर एक उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक जांच कमेटी बनाएं। जनता को यह जानने का हक है कि इन मौतों का असली कारण क्या है ताकि भविष्य में अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकें।

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