जयपुर सिटी बसों की पेनल्टी में बड़ा खेल : रफ कागज पर हिसाब, फिर सौदेबाजी
3 कर्मचारी निलंबित
जयपुर। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की 100 मिडी बसों के रख-रखाव में खामियां मिलने के बावजूद जेसीटीएसएल को पेनल्टी से होने वाली आय का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। एसी और नॉन एसी बसों के संचालन, सफाई, एसी खराबी और रखरखाव की जिम्मेदारी पारस कंपनी की है। इसके बावजूद शीशे टूटे होने, टायर खराब होने और सफाई नहीं होने जैसी कमियों पर पूरी पेनल्टी लगाने के बजाय राशि घटाकर वसूली का खेल लंबे समय से चल रहा था।
रफ कागज पर पेनल्टी, शाम को सौदेबाजी :
सांगानेर डिपो से संचालित इन बसों में खामी पर पेनल्टी लगाने के लिए चालक रूपचंद यादव, रामवीर और टीमचंद लक्षकार सहित अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी थी। आरोप है कि वे पहले रफ कागज पर हिसाब लिखते, फिर कंपनी प्रतिनिधियों से सौदेबाजी कर राशि घटा देते थे। फोन-पे से ऑनलाइन भुगतान लेने के स्क्रीनशॉट सामने आए हैं।
औचक निरीक्षण में खुली पोल :
13 अक्टूबर को जेसीटीएसएल अधिकारियों के औचक निरीक्षण में आवक-जावक पंजिका और ब्रेकडाउन रजिस्टर में पेनल्टी का रिकॉर्ड नहीं मिला। रजिस्टर पर डिपो मैनेजर के हस्ताक्षर भी नहीं थे।
आंकड़े उठा रहे सवाल :
मई में कुल 24 लाख और जुलाई में 21 लाख रुपए की पेनल्टी लगी, जबकि अगस्त में यह घटकर आधी रह गई। पेनल्टी कम करने के लिए कंपनी प्रतिनिधियों से करीब 70 हजार रुपए ऑनलाइन लिए जाने की जानकारी है।
सस्पेंड कर किया मामले को इतिश्री :
प्रबंधन ने तीनों चालकों को निलंबित कर दिया और सांगानेर डिपो मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी कर मामले को इतिश्री कर दिया। जबकि मामले की गहन जांच हो तो कई अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।

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