राजस्थान में सहकारी समितियों के चुनाव की तैयारी, ढाई साल में बनाए 10 लाख से अधिक नए सदस्य
सदस्यता विस्तार पर भी जोर दिया
जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से लंबित सहकारी समितियों के चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार वन स्टेट, वन इलेक्शन की अवधारणा के तहत चुनाव प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रही है। पंचायत चुनाव के बाद तीसरे चरण में सहकारी समितियों के चुनाव कराने की दिशा में सरकार की तैयारी है। चुनाव होने से सहकारी संस्थाओं में लंबे समय से लंबित लोकतांत्रिक प्रक्रिया को फिर से गति मिलने की उम्मीद है। प्रदेश में सहकारी समितियों के चुनाव को लेकर सदस्यता विस्तार पर भी जोर दिया गया है।
सरकार ने पिछले ढाई साल में इन समितियों में 10 लाख से अधिक नए सदस्य बनाए हैं। सदस्य संख्या में इस बढ़ोतरी को चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए सदस्यों की भागीदारी से समितियों के निर्वाचन में मतदाताओं का दायरा भी बढ़ेगा। सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों को ऋण उपलब्ध कराने और कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में चुनाव के जरिए समितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करना अहम होगा। हालांकि, चुनाव का कार्यक्रम, चरणवार समय-सीमा और निर्वाचन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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