निकाय चुनाव में पुलिस की भूमिका पर कांग्रेस ने डीजीपी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदेश में निकाय चुनावों जैसा माहौल नहीं बनाने की मांग
जयपुर। निकाय चुनाव में पुलिस अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा को ज्ञापन सौंपा। दोनों नेताओं ने पंचायत चुनाव में पुलिस को निष्पक्ष रहने की अपील भी की, जिस पर डीजीपी ने निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रदेश में निकाय चुनावों जैसा माहौल नहीं बनाने की मांग :
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए डोटासरा ने कहा कि सबूतों के साथ हर मामले पर चर्चा की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि निकाय चुनाव जैसा रवैया पंचायत चुनाव में भी रहा तो लोग मजबूरन कानून अपने हाथ में ले सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस महानिदेशक की होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा माहौल न बनाएं कि आक्रोश दबाने के लिए पेलेट गन का इस्तेमाल करना पड़े। डोटासरा का आरोप था कि सरकार ने पुलिस के सहयोग से गुंडागर्दी और पार्षदों को डराने-चोरी करने का काम किया। खाटूश्यामजी में एसपी, डीएसपी, एसडीएम व सीआई तक तबादले किए गए क्योंकि वे भाजपा के दबाव में काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने पंचायतों के संभावित दावेदारों को धमकाने का भी आरोप लगाया।
पुलिस नहीं बने पार्षद पकड़ने की मशीन : जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि 70 साल में पहली बार पुलिस की वर्दी पर दाग लगा है। पुलिस पार्षद पकड़ने की मशीन नहीं बनी थी, लेकिन इस बार ऐसा टास्क दिया गया। डोटासरा ने दावा किया कि पंचायत चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ होगा क्योंकि लोगों में आक्रोश है।

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