राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में शुरू हुआ ब्रेस्टफीडिंग कक्ष, विश्व स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला
विशेषज्ञों ने शिशु स्वास्थ्य के महत्व पर दिया जोर
जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय), जयपुर के बालरोग विभाग ने विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 के अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए सप्ताहभर जनजागरूकता, प्रशिक्षण और विशेषज्ञ व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान संस्थान के चिकित्सालय में बालरोग विभाग की ओपीडी संख्या-4 में स्तनपान कराने वाली माताओं की सुविधा के लिए ब्रेस्टफीडिंग कक्ष का शुभारंभ किया गया। कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कक्ष का उद्घाटन करते हुए कहा कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना और पहले छह माह तक केवल मां का दूध देना शिशु के स्वस्थ विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि नया ब्रेस्टफीडिंग कक्ष माताओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराएगा।
बालरोग विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार नागर ने बताया कि सप्ताहभर विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र और जागरूकता नाटिकाओं के माध्यम से माताओं, परिजनों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों को स्तनपान के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (गोवा) की प्रो. निशा ओझा, प्रो. के. भारती और प्रो. रमेश चौधरी ने भी विशेषज्ञ व्याख्यान दिए। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के लिए जागरूकता नाटिका का मंचन कर जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान शुरू करने तथा पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने का संदेश दिया गया।

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