सड़कों के रखरखाव में एमएसएस प्लस तकनीक अपनाने की संभावनाओं का होगा आकलन : मुख्य सचिव
एमएसएस प्लस तकनीक पर दिया विस्तृत प्रस्तुतीकरण
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य में सड़कों के रखरखाव के लिए मॉडिफाइड मिक्स सील सरफेसिंग (एमएसएस प्लस) तकनीक की उपयोगिता का आकलन करने तथा राजस्थान की भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप इसके उपयोग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह बात शुक्रवार को शासन सचिवालय में सीएसआईआर–सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई), नई दिल्ली के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कही। बैठक के दौरान सीआरआरआई के मुख्य वैज्ञानिक एवं फ्लेक्सिबल पेवमेंट डिवीजन के प्रमुख डॉ. सतीश पांडेय ने एमएसएस प्लस तकनीक पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
उन्होंने बताया कि यह तकनीक बिटुमिनस सड़कों के रखरखाव के लिए प्रभावी, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल है। इसके उपयोग से सड़क की ऊपरी सतह अधिक समय तक टिकाऊ बनी रहती है, जिससे रखरखाव की आवश्यकता कम होती है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक में कम ईंधन की खपत होती है और कार्बन उत्सर्जन भी घटता है, जिससे यह हरित एवं टिकाऊ सड़क निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। बैठक में तकनीक से जुड़े परीक्षणों, गुणवत्ता और दीर्घकालिक लाभों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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