सीएम भजनलाल की ओड समाज को बड़ी सौगात: जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन का ऐलान, राज्य सरकार पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को उतार रही धरातल पर
ओड समाज को छात्रावास और धर्मशाला की सौगात
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओड समाज के लिए जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला हेतु भूमि आवंटन की घोषणा की। 'ओड समाज संवाद' में उन्होंने जल संरक्षण और निर्माण में समाज के ऐतिहासिक योगदान को सराहा। सरकार पीएम विश्वकर्मा और पेंशन योजनाओं के जरिए श्रमिकों व वंचित वर्गों के सामाजिक उत्थान और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओड समाज को बड़ी सौगात देते हुए जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन की घोषणा की। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ओड समाज संवाद कार्यक्रम में उन्होंने समाज के योगदान को सराहते हुए इसे गौरवशाली परंपरा वाला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओड समाज ने किलों, महलों और जल संरचनाओं के निर्माण में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। जल संरक्षण की परंपरा को समृद्ध करने में इस समाज की भूमिका उल्लेखनीय रही है, जिसने संसाधनों के बेहतर उपयोग की सीख दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है और किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर जल और लखपति दीदी जैसी पहलों को जनकल्याणकारी बताया। मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि ‘श्रमेव जयते’ के मंत्र के साथ श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 20 लाख श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन किया गया है और विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों श्रमिकों को आर्थिक सहायता दी गई है।
उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत दस्तकारों को सस्ती दरों पर ऋण और प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना के माध्यम से श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकारों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3 हजार रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान किया गया है। शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में सरकार की पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने ओड समाज के युवाओं से कौशल प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने, बेटियों को शिक्षित करने और समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर ओड महासभा के अध्यक्ष प्रेम ओड सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

Comment List