आरटीओ खर्च के नाम पर वसूली पर शिकंजा : डीलर्स पर भारी पेनल्टी की तैयारी, विभाग ने सख्त कार्रवाई की तैयारी की शुरू
करोड़ों की अवैध वसूली की आशंका जताई गई
जयपुर आरटीओ प्रथम की डिकॉय कार्रवाई में वाहन डीलर्स द्वारा आरटीओ खर्च के नाम पर 3,000 से 5,000 रुपए तक अवैध वसूली का खुलासा, वास्तविक फीस 700 रुपए। HSRP, फास्टैग और एसेसरी के नाम पर भी अतिरिक्त चार्ज लिए जा रहे थे। विभाग ने पेनल्टी व ट्रेड लाइसेंस निलंबन की सिफारिश की।
जयपुर। जयपुर आरटीओ प्रथम की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वाहन डीलर्स के यहां डिकॉय ऑपरेशन चलाकर बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि कई डीलर्स वाहन खरीदारों से आरटीओ खर्च के नाम पर 3,000 से 5,000 रुपये तक वसूल रहे थे, जबकि वास्तविक रजिस्ट्रेशन फीस महज़ 700 रुपये है। डीलर्स गाड़ियों की कोटेशन में बाकायदा “आरटीओ खर्च” जोड़कर ग्राहकों से अतिरिक्त रकम ले रहे थे। आरटीओ टीमों के स्टिंग में यह भी सामने आया कि एक्स-शोरूम कीमत में शामिल हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) और फास्टैग के बावजूद ग्राहकों से अलग से पैसे लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही एसेसरी के नाम पर अतिरिक्त बिल थमाने के मामले भी पकड़े गए हैं। इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए विभाग अब संबंधित डीलर्स पर भारी पेनल्टी लगाने और ट्रेड लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा मुख्यालय को भेज रहा है। हर साल लाखों वाहन बिकने के कारण आरटीओ के नाम पर करोड़ों की अवैध वसूली की आशंका जताई गई है।
आरटीओ प्रथम के अधिकारी राजेंद्र सिंह शेखावत के निर्देश पर गठित टीमों ने कार्रवाई को अंजाम दिया है। अब मुख्यालय से सख्त निर्णय की उम्मीद है ताकि वाहन खरीदारों की जेब पर अनावश्यक बोझ न पड़े।

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