सागर झील पर अवैध ट्रैकिंग का खतरा : रात में बढ़ रही आवाजाही से बढ़ी चिंता, प्रशासन से निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग
वन्यजीवों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए स्थानीय लोग बने प्रहरी
जयपुर। आमेर स्थित ऐतिहासिक सागर झील क्षेत्र में अवैध ट्रैकिंग और नियमों की अनदेखी को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। नाहरगढ़ वन्यजीव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में देर रात तक लोगों की आवाजाही, पहाड़ियों पर बैठकों और जंगल क्षेत्र में अनुचित गतिविधियों के कारण वन्यजीव संरक्षण तथा पर्यटकों की सुरक्षा दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, हाल के दिनों में कई पर्यटक और युवक-युवतियां देर रात तक झील और आसपास की पहाड़ियों में समय बिताते देखे जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर तेज आवाज में संगीत बजाने, आग जलाकर भोजन बनाने और कचरा फैलाने जैसी गतिविधियां भी सामने आई हैं। इससे क्षेत्र की प्राकृतिक शांति प्रभावित हो रही है। लेपर्ड और मगरमच्छ की मौजूदगी से बढ़ा जोखिम स्थानीय निवासी अमित झा का कहना है कि सागर झील क्षेत्र में लेपर्ड, मगरमच्छ और अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी रहती है।जो किसी अप्रिय घटना या मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ जाती है।

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