प्रदेश में गैस की किल्लत : रोज 4 लाख रसोई गैस सिलेंडर की खपत, युद्ध खींचने से गहराएगा 60 फीसदी संकट
बुकिंग का समय भी 21-25 दिन के अंतराल में कर दिया
इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध का असर गैस सप्लाई पर दिखने लगा है। युद्ध लंबा चला तो एलपीजी संकट। रोज़ 4 लाख घरेलू सिलेंडरों की मांग। सप्लाई घटकर 1.60 लाख रह सकती है। मिडिल ईस्ट से आयात प्रभावित होने से कमर्शियल सिलेंडरों की रोज़ाना 40 हजार सप्लाई भी रुकने की आशंका।
जयपुर। इजरायल-अमेरिका के ईरान के साथ चल रहा युद्ध लंबा चला तो प्रदेश में एलपीजी रसोई और कर्मशियल गैस सिलेंडरों की सप्लाईं पर भारी संकट आने वाला है। प्रदेश में करीब 1.65 करोड़ उपभोक्ता है। जिन्हें हर माह 1.25 करोड़ गैस सिलेंडरों की सप्लाई होती है अर्थात रोजाना करीब 4 लाख घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की खपत होती है। क्योंकि भारत में कुल गैस की सप्लाई का 60-65 फीसदी हिस्सा विदेशों से आयात होता है, उसमें भी 80-85 फीसदी अकेले मिडिल ईस्ट के युद्व प्रभावित देशों से गैस सप्लाई होती है। ऐसे में प्रदेश में आगामी दिनों में गैस सिलेंडरों की किल्लत इसी अनुपात में होने की आशंका है। एक्सपर्ट की माने तो चार लाख की जगह तेल और गैस एजेंसियां की सप्लाई क्षमता ऐसे में 1.60 लाख प्रतिदिन ही रह जाएगी। साथ ही बुकिंग का समय भी 21-25 दिन के अंतराल में कर दिया गया है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर डिलेवरी पर रोक: रोज 40 हजार की सप्लाई रुकेगी
मोटे अनुमान के अनुसार प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों के मुकाबले दसवां हिस्सा यानी 40 हजार कर्मशियल गैस सिलेंडर की सप्लाई कंपनियां रोजाना बाजार में करती है। गैस की सप्लाई मिडिल ईस्ट के देशों से प्रभावित होने से प्रदेश में अब इनकी सप्लाई पर रोक लग गई है। ऐसे में होटलों, रेस्टोरेंट्स, ढ़ाबों इत्यादि पर सप्लाई बंद होने से काम ठप होने की आशंकाएं मंडराने लगी है।
प्रदेश में गैस सप्लाई की फैक्ट फाइल
- कुल गैस एजेंसियां: 1350
- घरेलू रसोई गैस कनेक्शन: 1.65 करोड़
- हर माह सिलेंडर सप्लाई: 1.25 करोड़
- कर्मशियल गैस सिलेंडर डिमांड: हर माह 12.50 लाख
किन देशों से सप्लाई, कैसे सुधरे हालात
भारत में कुल गैस खपत का 60-65 फीसदी विदेशों से आयात होता है। इनमें अकेले मिडिल ईस्ट से 80-85 फीसदी यूएई से 8.1 मिलियन टन, कतर से 5 मिलियन टन, कुवैत से 3.4 मिलियन टन, सऊदी अरब से 3.3 मिलियन टन, कुछ मात्रा में बहरीन- ओमान से भी गैस सप्लाई आती है। वहीं अमेरिका से 2.2 मिलियन टन गैस सप्लाई होती है। भारत में अमेरिका के अलावा फिलहाल मिडिल ईस्ट की सप्लाई प्रभावित है।

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