डीजीएफटी-आईसीईगेट ई-्क्रिरप्स घोटाले का पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार
डिजिटल सिग्नेचर एक इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर है
पुलिस कमिश्नरेट जयपुर के साइबर थाना ने डीजीएफटी-आईसीईगेट पोर्टल से जुड़े बड़े ई-्क्रिरप्स घोटाले का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार। पुलिस के अनुसार करीब 400 से अधिक फर्जी डिजिटल सिग्नेचर बनाए गए, जिनके जरिए कुल घोटाला 400 करोड़ रुपए तक पहुंचने की आशंका है।
जयपुर। पुलिस कमिश्नरेट जयपुर के साइबर थाना ने डीजीएफटी-आईसीईगेट पोर्टल से जुड़े बड़े ई-्क्रिरप्स घोटाले का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें सुल्तान खान निवासी कबीर नगर जोधपुर, नंद किशोर निवासी संजय गांधी कॉलोनी, ताप नगर जोधपुर, निर्मल सोनी निवासी पुरी कंठालिया पाली, अशोक कुमार भंडारी निवासी लक्ष्मी नगर जोधपुर और मोहित खत्री निवासी संजय गांधी कॉलोनी ताप नगर जोधपुर शामिल है।
यह था मामला
परिवादी सौरभ बाफना ने दिसम्बर 2025 में रिपोर्ट दी कि उनके आईसीईगेट पोर्टल से करीब 17.88 लाख रुपए की ्क्रिरप्स (सरकार की ओर से एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए दिया जाने वाला रिवार्ड मनी) म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर कर ली। आरोपियों ने अब तक 93 लाख रुपए के ्क्रिरप्स उनके अकांउट से चोरी कर ली।
93 लाख की ठगी, 400 करोड़ तक का अनुमान
परिवादी के अनुसार करीब 17.88 लाख रुपए के ई-्क्रिरप्स ट्रांसफर किए गए थे जबकि जांच में अब तक करीब 93 लाख रुपए की चोरी सामने आई है। पुलिस के अनुसार करीब 400 से अधिक फर्जी डिजिटल सिग्नेचर बनाए गए, जिनके जरिए कुल घोटाला 400 करोड़ रुपए तक पहुंचने की आशंका है। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी डीएससी तैयार होने के बाद इन्हें दुबई में डाउनलोड किया जाता था।
क्या है आरओडीटीईपी और आरओएससीटीएल : आरओडीटीईपी (रेमीशन ऑफ ड्यूटीस एंड टेक्सेस ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट) और आरओएससीटीएल (रिबेट्स ऑफ स्टेट एंड सेन्ट्रल टेक्सेस एंड लेविस) केंद्र सरकार की योजनाएं हैं। निर्यातकों को टैक्स और अन्य खचार्ें की भरपाई के लिए प्रोत्साहन क्रेडिट दिया जाता है।
ऐसे हुआ घोटाला
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बताया कि आरोपियों ने पहले फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) तैयार किए। इन फर्जी डीएससी से उन्होंने डीजीएफटी-आईसीईगेट के सुरक्षित पोर्टल पर अनधिकृत लॉगिन किया। आरोपियों ने असली निर्यातकों (एक्सपोर्ट) के खातों की जानकारी लेकर उनके खातों में मौजूद सरकारी प्रोत्साहन राशि (ई-्क्रिरप्स) को अपने नियंत्रण वाले फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लिया। इस राशि को कई बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के माध्यम से घुमाकर निकाल लिया गया ताकि स्रोत छुपाया जा सके।
डिजिटल सिग्नेचर क्या है
डिजिटल सिग्नेचर एक इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर है, जो डिजिटल दस्तावेज की प्रमाणिकता तय करता है। इसका उपयोग सरकारी विभाग, कंपनियां, बैंक और अन्य संस्थान करते हैं।
बचाव के उपाय
प्राइवेट की को सुरक्षित रखें
केवाईसी मजबूत करें।
सिस्टम सुरक्षा अपडेट रखें
फिशिंग ईमेल से सतर्क रहें
नियमित ऑडिट कराएं
मल्टी ऑथेंटिकेशन लागू करें ।

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