मधुमक्खी पालन से किसानों की आय होगी दोगुनी : राजस्थान बनेगा शहद उत्पादन का हब, किरोड़ी ने कहा- कृषि क्षेत्रों में नवीन तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं किसान

राजस्थान विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाला प्रदेश 

मधुमक्खी पालन से किसानों की आय होगी दोगुनी : राजस्थान बनेगा शहद उत्पादन का हब, किरोड़ी ने कहा- कृषि क्षेत्रों में नवीन तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं  किसान

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के सशक्तिकरण के लिए नई तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने मधुमक्खी पालन को आय का प्रभावी साधन बताया। राजस्थान देश के शीर्ष शहद उत्पादक राज्यों में शामिल है और 2025-26 में 50 हजार मधुमक्खी कॉलोनियों पर 8 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा।

जयपुर। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के आर्थिक विकास एवं सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में नवीन तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं, जिससे आय में वृद्धि हो और किसान आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

दुर्गापुरा स्थित कृषि प्रबंध संस्थान में आयोजित “हाई वैल्यू मधुमक्खी उत्पादन: तकनीकी, वर्तमान परिदृश्य, भविष्य एवं संभावनाएं” विषयक दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार के समापन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ किरोड़ी ने कहा कि प्रदेश का किसान मेहनती और ईमानदार है तथा कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में नवाचार के जरिए राजस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से किसान तेजी से प्रगतिशील बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि आईसीएआर के अनुसार मधुमक्खी पालन से संबंधित क्षेत्रों में फसलों की पैदावार में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाला प्रदेश है, जहां जंगली और कृषि दोनों प्रकार की वनस्पतियों की व्यापक श्रृंखला उपलब्ध है। यहां मकरंद और पराग की प्रचुरता मधुमक्खी पालन के लिए प्रदेश को अत्यंत अनुकूल बनाती है। मधुमक्खी पालन अब किसानों के लिए आय का सशक्त स्रोत बन चुका है और किसान खेती के साथ शहद उत्पादन कर आय में वृद्धि कर रहे हैं।

डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि देश के कुल शहद उत्पादन में राजस्थान की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत है और प्रदेश देश के पांच अग्रणी शहद उत्पादक राज्यों में शामिल है। वर्तमान में प्रदेश में 3 हजार 350 मधुमक्खी पालकों के पास 2 लाख 76 हजार मधुमक्खी कॉलोनियां हैं, जिनसे लगभग 8 हजार 500 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हो रहा है। शहद उत्पादन में अलवर, भरतपुर और हनुमानगढ़ अग्रणी जिले हैं।

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उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार द्वारा मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार मधुमक्खी कॉलोनियां एवं 50 हजार मधुमक्खी बॉक्स वितरित किए जा रहे हैं, जिन पर 40 प्रतिशत अनुदान के रूप में कुल 8 करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है।

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