नवलगढ़ पीएनबी बैंक में गोल्ड लोन घोटाला : एक आरोपी हिरासत में, निलम्बित मैनेजर लापता ; पत्नी ने दर्ज कराई रिपोर्ट
ग्राहक बड़ी संख्या में पहुंच रहे बैंक
पीएनबी शाखा में साढ़े 6 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन घोटाले के मामले में पुलिस ने एक आरोपी बैंक के बीसी संचालक संतोष कुमार सैनी को हिरासत में ले लिया है। जबकि मुख्य आरोपी और तत्कालीन ब्रांच मैनेजर अमित जांगिड़ लापता हो है। अमित की पत्नी ने गुढ़ागौड़जी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
झुंझुनूं / नवलगढ़। नवलगढ़ स्थित पीएनबी शाखा में साढ़े 6 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन घोटाले के मामले में पुलिस ने एक आरोपी बैंक के बीसी संचालक संतोष कुमार सैनी को हिरासत में ले लिया है। जबकि मुख्य आरोपी और तत्कालीन ब्रांच मैनेजर अमित जांगिड़ लापता हो है। अमित की पत्नी ने गुढ़ागौड़जी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उधर पुलिस हिरासत में बीसी संचालक संतोष कुमार सैनी से कड़ी पूछताछ में गोल्ड लोन सहित बैंक की विभिन्न ऋण योजनाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं।
ग्राहक बड़ी संख्या में पहुंच रहे बैंक
साढ़े छह करोड़ रुपए मूल्य के सोने के जेवरात गायब होने का खुलासा होने के बाद नवलगढ़ क्षेत्र में बुधवार को बड़ी संख्या में ग्राहक बैंक पहुंचे और अपने गिरवी रखे गहनों के बारे में जानकारी मांगी। अब लॉकर धारक और अन्य योजनाओं में ऋण लेने वाले ग्राहक भी गड़बड़ी की आशंका के चलते बैंक में उमड़ रहे हैं। बैंक के एजीएम सुधीर कुमार साहू अपनी टीम के साथ नवलगढ़ में डेरा डाले हुए हैं।
पीड़ित ग्राहकों में से एक बारवा निवासी नरपत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने सोने पर केवल तीन लाख रुपए का लोन लिया था, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में इसे पांच लाख रुपए दर्शाया गया है। नरपत सिंह ने बताया कि वे अपना सोना बैंक लॉकर में रखने आए थे, लेकिन शाखा प्रबंधक ने उन्हें लॉकर के बजाय गोल्ड लोन लेने की सलाह दी। मैनेजर ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि लोन पर उनका सोना पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और ब्याज दर भी कम लगेगी। बैंक प्रबंधन की बातों पर विश्वास कर उन्होंने गोल्ड लोन करवा लिया। वे पिछले तीन दिनों से लगातार बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो उनका सोना दिखाया जा रहा है और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है। स्थिति को देखते हुए बैंक के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने लोगों का सोना चोरी हुआ है और कितने खातों में लोन से संबंधित फजीर्वाड़ा हुआ है। बैंक मैनेजर अमित जागिड़ को निलंबित करने के बाद किसी ब्रांच से अटैच नहीं किया गया है। नगदी का मिलान सही पाया गया।

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