दिल्ली दौरे पर CS की विकास पहलों को लेकर अहम बैठकें, अरावली ग्रीन वैली प्रोजेक्ट पर तेजी
16 मार्च को प्रधानमंत्री के सलाहकार के साथ भी बैठक प्रस्तावित
मुख्य सचिव ने दिल्ली दौरे में केंद्रीय अधिकारियों के साथ अरावली ग्रीन वैली प्रोजेक्ट और प्रदेश विकास से जुड़े मुद्दों पर अहम बैठकें। 18,500 हेक्टेयर हरियाली विकास, रणथंभौर टाइगर रिजर्व इको-सेंसिटिव जोन, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण और IFS अधिकारियों के कैडर रिव्यू पर चर्चा।
जयपुर। मुख्य सचिव ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठकें कीं। इस दौरान अरावली ग्रीन वैली प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय पर्यावरण सचिव तन्मय कुमार के साथ विस्तृत चर्चा हुई। परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर 16 मार्च को प्रधानमंत्री के सलाहकार के साथ भी बैठक प्रस्तावित है।
सूत्रों के अनुसार अरावली क्षेत्र में लगभग 18,500 हेक्टेयर क्षेत्र में हरियाली विकसित करने के लिए विभिन्न विभागों और शहरी निकायों के क्रियान्वयन प्लान को अंतिम रूप दिया जाना है। वहीं सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के संदर्भ में सीनियर एडवोकेट के. परमेश्वर द्वारा अदालत में दिए गए लिखित बयान और एमिकस क्यूरी के प्रस्तुत लिखित पक्ष का राज्य सरकार परीक्षण करेगी। इसके अलावा रणथंभौर टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से जुड़े प्रस्ताव पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्य सरकार से अतिरिक्त जानकारियां भी मांगी हैं। मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण को प्राथमिकता से लागू करने पर भी जोर दिया है। इसके लिए वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) जैसे संस्थानों से अध्ययन कराने की सिफारिश की गई थी और उसी के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रालय ने इस संबंध में ग्रांट प्रस्ताव तैयार करने के लिए 103 दिनों का समय दिया है, जिसकी समीक्षा भी की जाएगी। साथ ही केंद्र से बातचीत कर राजस्थान कैडर के IFS अधिकारियों के कैडर रिव्यू की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

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