कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार को सदन में घेरने की बनी रणनीति, अशोक गहलोत भी चर्चा में हुए शामिल
जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार दबाव बनाया जाएगा
राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की गई। कांग्रेस ने किसानों की परेशानी, महंगाई, बेरोजगारी, पेंशन शिकायतें, और स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने का निर्णय लिया।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नापक्ष लॉबी में सोमवार सुबह 10 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कांग्रेस के अधिकांश विधायक शामिल हुए, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पहुंचे और चर्चा में भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विधानसभा के शेष सत्र में सरकार को प्रभावी ढंग से घेरने की रणनीति तैयार करना था। हाल के दिनों में सदन में 2 साल बनाम 5 साल के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बहस और हंगामा हुआ था। शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार के दो वर्षीय कार्यकाल की उपलब्धियों का प्रतिवेदन पेश किया और कांग्रेस के पांच साल के शासन की तुलना में बेहतर प्रदर्शन का दावा किया, जिसके विरोध में कांग्रेस ने वॉकआउट किया। इस पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने बैठक में तय किया कि वह सदन में आक्रामक रुख अपनाएगी और सरकार की कमियों को उजागर करेगी। रणनीति के तहत कांग्रेस ने कई प्रमुख मुद्दों पर फोकस करने का फैसला किया। इनमें बंदरों के आतंक से किसानों-नागरिकों की परेशानी, पेंशन संबंधी शिकायतें, महंगाई, बेरोजगारी, किसान कर्जमाफी की प्रगति, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की खामियां शामिल हैं। विधायक दल ने तीन विभागों की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान सरकार से सवालों की बौछार करने की योजना बनाई। साथ ही, प्रश्नकाल में विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करने और याचिकाओं के माध्यम से जनहित के मुद्दे उठाने पर जोर दिया गया। जूली ने बैठक के बाद संकेत दिए कि कांग्रेस अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि ठोस विकल्प पेश करेगी। मुख्य सचेतक रफीक खान ने बताया कि विधायकों में एकजुटता दिखी और सभी ने सरकार की घोषणाओं पर आधारित राजनीति की आलोचना की। बैठक में यह भी तय हुआ कि सत्र के दौरान हंगामे से बचते हुए जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार दबाव बनाया जाएगा।

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