विधानसभा में PKC-ERCP को लेकर खुलासा : 17 जिलों में 4.03 लाख हेक्टेयर में सिंचाई का प्रावधान, जल उपलब्धता और डीपीआर स्वीकृति के अनुसार आगे की कार्यवाही
प्रश्न बूंदी के विधायक वीरेंद्र सिंह ने पूछा
राजस्थान विधानसभा में बूंदी विधायक वीरेंद्र सिंह के प्रश्न पर जल संसाधन विभाग ने PKC-ERCP परियोजना की जानकारी दी। परियोजना के तहत पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में 4,03,000 हेक्टेयर भूमि में पेयजल और सिंचाई सुविधा विकसित की जाएगी।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में जल संसाधन विभाग से जुड़े अतारांकित प्रश्न के जवाब में PKC-ERCP परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। प्रश्न बूंदी के विधायक वीरेंद्र सिंह ने पूछा। जवाब में बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक (PKC-ERCP) परियोजना के अंतर्गत पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में पेयजल एवं सिंचाई सुविधा का प्रावधान किया गया है। परियोजना क्षेत्र में कुल 4 लाख 3 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा विकसित करने की योजना है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि परियोजना से लाभान्वित जिलों में अजमेर एवं ब्यावर जिला भी शामिल हैं। साथ ही परियोजना के राजस्थान भाग की डीपीआर मूल्यांकन के लिए केंद्रीय जल आयोग, नई दिल्ली के समक्ष परीक्षणाधीन है।
एक अन्य प्रश्न के जवाब में बताया गया कि अजमेर जिले का सबसे बड़ा बांध नारायण सागर बांध परियोजना में शामिल करने के संबंध में डीपीआर की सक्षम स्वीकृति एवं जल उपलब्धता के आकलन के अनुसार अग्रिम कार्यवाही प्रस्तावित है।
जल संसाधन विभाग के इस जवाब से स्पष्ट है कि राज्य सरकार पूर्वी राजस्थान में दीर्घकालीन जल प्रबंधन एवं सिंचाई विस्तार को लेकर परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रही है।

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