मिडिल ईस्ट में युद्ध पर स्टैंड स्पष्ट करे सरकार : संसद में हो चर्चा, पायलट बोले- चर्चा से भाग रही सरकार
द्विपक्षीय वार्ता की है या कोई स्टैंड लिया है
कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध पर मोदी सरकार से स्पष्ट रुख बताने की मांग की। उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा होनी चाहिए और खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार जवाब दे। साथ ही डिस्टर्ब एरिया बिल और दो-बच्चे कानून संशोधन को समाज में विभाजन और राजनीतिक लाभ का प्रयास बताया।
जयपुर। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते भारत में रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी और पेट्रोल-डीजल के दामों में भी बढ़ोतरी की संभावनाओं के बीच कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने मिडिल ईस्ट में हो रहे युद्ध पर मोदी सरकार से अपना स्टैंड स्पष्ट करने की मांग की है। पायलट ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि संसद में इस पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सरकार संसद में चर्चा से भाग रही है। युद्ध कई देशों तक फैल गया है। भारत बहुत बड़ा मुल्क है, हमारी इसमें क्या भूमिका है। इस युद्ध से पेट्रोल-डीजल और क्रूड ऑयल पर क्या फर्क पड़ेगा, इस पर सरकार को खुलासा करना चाहिए। सरकार को बताना चाहिए कि खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित लाने के लिए सरकार ने क्या द्विपक्षीय वार्ता की है या कोई स्टैंड लिया है।
पायलट ने डिस्टर्ब एरिया बिल को लेकर कहा कि सरकार केवल सुर्खियां बटोरने और समाज में विभाजन करने के लिए लाई है। इसके जरिए सरकार प्रदेश में धर्म और जाति की राजनीति करना चाहती है। मैं इस तरह के बिलों को गलत मानता हूं, क्योंकि इससे लोगों में दूरियां बढ़ेंगी। दो बच्चों के कानून वाले बिलों में संशोधन को लेकर कहा कि सरकार किस दिशा में जा रही है, कुछ नहीं पता है। निकाय और पंचायत चुनाव में सरकार को हार साफ दिख रही है, इसीलिए सरकार चुनाव नहीं करा रही है। इस तरह के कानून में संशोधन किए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक लाभ लिया जा सके।

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