हवामहल स्मारक : 15 शोकेस में दिखेंगे सोना चांदी और तांबे से बने 154 प्राचीन सिक्के, 16वीं शताब्दी का बना 500 ग्राम का सिक्का रहेगा मुख्य आकर्षण
दुर्लभ सिक्को की प्रदर्शनी’ शीर्षक से प्रकाशित की थी
हवा महल में 17–19 मार्च तक ‘कॉइंस एंड करेंसीज ऑफ राजस्थान’ प्रदर्शनी लगेगी। इसमें 154 दुर्लभ सोने-चांदी के सिक्के 15 शोकेस में प्रदर्शित होंगे। पंचमार्क से लेकर मुगलकालीन सिक्कों तक इतिहास की झलक मिलेगी। हर सिक्के के साथ उसकी पृष्ठभूमि और विशेष जानकारी भी दी जाएगी, जिससे पर्यटक प्राचीन मुद्रा व्यवस्था को समझ सकेंगे।
जयपुर। गुलाबी नगरी के प्रमुख पर्यटन स्थल हवा महल स्मारक में 17 से 19 मार्च तक ‘कॉइंस एंड करेंसीज आॅफ राजस्थान’ विषय पर विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। पुरातत्व विभाग की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी में राजस्थान और भारतीय इतिहास के विभिन्न कालखंडों के दुर्लभ सिक्कों को प्रदर्शित किया जाएगा। जिससे पर्यटक और इतिहास प्रेमी प्राचीन मुद्रा व्यवस्था को करीब से जान सकेंगे। प्रदर्शनी का आयोजन स्मारक के प्रथम चौक स्थित गैलरी में किया जाएगा। यहां कुल 15 शोकेस में सोना और चांदी सहित अन्य धातुओं से बने 154 पुरा महत्व के सिक्के प्रदर्शित किए जाएंगे। इन सिक्कों के साथ उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, कालखंड और विशेषताओं की जानकारी भी दी जाएगी। ताकि पर्यटक इनके महत्व को समझ सकें। गौरतलब है कि हवामहल स्मारक में सिक्कों की प्रदर्शनी लगने संबंधी खबर को दैनिक नवज्योति ने सबसे पहले 26 फरवरी को ‘हवामहल स्मारक में लगेगी दुर्लभ सिक्को की प्रदर्शनी’ शीर्षक से प्रकाशित की थी।
प्रदर्शनी में दिखेंगे ये सिक्के
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदर्शनी में पंच मार्क सिक्कों से लेकर इंडो-ग्रीक, स्थानीय जनजातीय , कुषाण काल, गुप्त काल, इंडो-ससानियन तथा अरब गवर्नरों के समय के सिक्के प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके अलावा आदि वराह सिक्के, घुड़सवार वृषभ प्रकार के सिक्के, कलचुरी कालीन सिक्के, दिल्ली सल्तनत और मुगलकालीन सिक्के भी प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण रहेंगे।

Comment List