हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ, गोपाल शर्मा ने कहा- भारतीय संस्कृति मानवता को आगे बढ़ाने वाली
सभी अतिथियों व श्रोताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित
हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में “लोक कला और जनसंचार” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. गोपाल शर्मा, मुख्य वक्ता डॉ. राजेश कुमार व्यास और कुलगुरु प्रो. नंदकिशोर पाण्डेय। संगोष्ठी में लोक संस्कृति, लोकगीत और जनभावनाओं पर चर्चा।
जयपुर। हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में “लोक कला और जनसंचार” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ गोपाल शर्मा रहे, जबकि मुख्य वक्ता लोककला मर्मज्ञ डॉ राजेश कुमार व्यास रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. नंदकिशोर पाण्डेय ने की और कार्यक्रम संचालन अकादमिक समन्वयक डॉ. रतन सिंह शेखावत ने किया। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम के संयोजक डॉ मनोज लोढ़ा हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ राजेश कुमार व्यास ने कहा कि लोक संस्कृति के माध्यम से अभावों में भावों को संजोया गया है और लोक के आलोक को हर जगह पूजा जाता है।
मुख्य अतिथि डॉ गोपाल शर्मा ने कहा कि लोक का सीधा अर्थ लोगों से है आज लोक संस्कृति लोकतंत्र तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति मानवता को आगे बढ़ाने वाली है।
कुलगुरु प्रो. नंदकिशोर पाण्डेय ने लोक संस्कृति के महत्व को बताते हुए कहा कि लोक को स्वीकारते समय शास्त्र का बंधन नहीं होता और लोकगीत जनभावनाओं की अभिव्यक्ति होते हैं।
कार्यक्रम में बनस्थली विद्यापीठ के डॉ महेश मिश्रा, वरिष्ठ रंगकर्मी पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के विलास जानवे, राजस्थान विश्वविद्यालय की प्रो. वंदना कल्ला और मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के डॉ कुंजन आचार्य ने अपने विचार रखे, साथ ही विभिन्न छात्रों और शोधार्थियों ने पत्र वाचन किया। अंतिम सत्र में डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. शुचि चौहान ने अपने विचार रखे. विश्वविद्यालय के कुलसचिव लक्ष्मीनारायण शर्मा ने सभी अतिथियों व श्रोताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

Comment List