बाड़मेर में भाजपा की लहर पर लू का कहर

सबसे ज्यादा 42.48 फीसदी वोटों में आई कमी

बाड़मेर में भाजपा की लहर पर लू का कहर
भाजपा ने जिन 14 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की है, उनमें से केवल जयपुर को छोड़ कर अन्य 13 क्षेत्रों में भी वर्ष 2019 के मुकाबले उसके वोट बैंक में कमी आई है। जयपुर शहर में भाजपा को लगभग 2.84 फीसदी का फायदा हुआ है।

जयपुर। वैसे तो पूरा राजस्थान ही पिछले दिनों लू के थपेड़ों की चपेट में रहा था, लेकिन उसका सबसे ज्यादा असर बाड़मेर में भाजपा के वोट बैंक पर दिखाई दिया। यहां भाजपा के वोटों में सबसे ज्यादा 42.48 फीसदी की गिरावट रिकॉर्ड की गई। इस गिरावट को लेकर भाजपा के नेता सदमे में है और वे समझ नहीं पा रहे हैं कि इतने इंतजाम करने के बाद भी पार्टी का वोट बैंक कैसे गर्मी और लू की चपेट में आ गया। वैसे तो इसका असर पूरे राजस्थान में रहा और भाजपा के 9.83 प्रतिशत मतों को प्रभावित कर गया। भाजपा ने जिन 14 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की है, उनमें से केवल जयपुर को छोड़ कर अन्य 13 क्षेत्रों में भी वर्ष 2019 के मुकाबले उसके वोट बैंक में कमी आई है। जयपुर शहर में भाजपा को लगभग 2.84 फीसदी का फायदा हुआ है।

लोकसभा के चुनावी नतीजों के अनुसार भाजपा को राजस्थान में करीब 49.24 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 37.91 प्रतिशत वोट आए हैं। राष्टÑीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने इन चुनाव में 1.80 प्रतिशत और माकपा ने 1.97 फीसदी वोट प्राप्त किया है। वर्ष 2019 में भाजपा को राजस्थान की सभी 25 सीटों पर 59.07 फीसदी मत मिले थे। उस समय कांग्रेस को 34.24 प्रतिशत वोट मिले थे।

भाजपा के नेताओं ने चुनाव प्रचार में सीमावर्ती क्षेत्रों में गर्मी और लू का भी अपने भाषणों में उपयोग किया था। ताकि इन जिलों के मतदाता प्रभावित हो और भाजपा की लहर कायम रह सके। बाड़मेर की बात करें तो वहां कांगे्रस के उम्मेदाराम बेनीवाल को 41.7 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय प्रत्याशाी रविन्द्र सिंह भाटी को 34.7 प्रतिशत वोट मिले हैं। तीसरे स्थान पर रहे भाजपा के प्रत्याशी कैलाश चौधरी को मात्र 17 फीसदी वोट मिले है।

यहां भी गर्मी का असर 
प्रदेश की लोकसभा की दस सीटें बाड़मेर, श्रीगंगानगर, जयपुर ग्रामीण, भरतपुर, बांसवाड़ा, झुंझुनूं, चूरू, दौसा, नागौर, उदयपुर और पाली ऐसी है, जिनमें गर्मी और लू का सबसे ज्यादा असर भाजपा के वोट बैंक पर पड़ा है। इन दस सीटों पर भाजपा को दस फीसदी से ज्यादा वोट बैंक घटा है। उदयपुर और पाली में जीत के बावजूद वोट प्रतिशत घटा है। सीकर में भाजपा जीत नहीं सकी और यहां 7.53 प्रतिशत का वोट प्रतिशत वोट 2019 के चुनाव के मुकाबले कम हुए हैं। इसी तरह करौली-धौलपुर में 9.3 फीसदी वोट कम हुए हैं और यहां भाजपा प्रत्याशी की हार हुई है।

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इन सीटों पर घटा भाजपा वोट बैंक
लोकसभा सीट    घटा वोट बैंक
बाड़मेर              42.48
श्रीगंगानगर         16.64
जयपुर ग्रामीण    15.28
भरतपुर             15.25
बांसवाड़ा           14.39
झुंझुनूं                13.74
चूरू                 13.68
दौसा                13.51
नागौर               10.66
उदयपुर            10.65
पाली                10.19
भीलवाडा          9.67
अलवर             9.62
बीकानेर           9.14
करौली             9.13
कोटा               8.19
चित्तौडगढ़        8.12
सीकर              7.53
टोंक                6.98
जोधपुर            5.84
राजसंमद         5.31
झालावाड़         3.90
अजमेर            2.35
जालौर             1.85

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