अनुपयोगी सामग्री के ऑक्शन में जयपुर डिस्कॉम ने तोड़ा वर्षों का रिकॉर्ड, स्क्रेप मैटेरियल से जुटाया 104 करोड़ का राजस्व
नीलाम किए बरसों पुराने 34 वाहन
जयपुर डिस्कॉम ने अनुपयोगी सामान का निस्तारण कर इस वित्तीय वर्ष में अब तक रिकॉर्ड 104 करोड़ रूपए से अधिक का राजस्व अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है। निगम के 13 वृत्त भंडारों में अनुपयोगी सामान के ऑक्शन से प्राप्त यह विगत कई वर्षों में सर्वाधिक राशि।
जयपुर। जयपुर डिस्कॉम ने अनुपयोगी सामान का निस्तारण कर इस वित्तीय वर्ष में अब तक रिकॉर्ड 104 करोड़ रूपए से अधिक का राजस्व अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है। निगम के 13 वृत्त भंडारों में अनुपयोगी सामान (स्क्रेप मैटेरियल) के ऑक्शन से प्राप्त यह विगत कई वर्षों में सर्वाधिक राशि है। उल्लेखनीय है कि निगम के वृत्त भंडारगृहों में अनुपयोगी ट्रांसफार्मर, लकड़ी के बॉक्स, पुराने वीसीबी, मीटर, खराब ऑयल, नाकारा वाहन, पुरानी केबल, लोहे के ड्रम आदि अनुपयोगी विद्युत उपकरण एवं सामग्री रहती है। सब डिवीजन एवं डिवीजन कार्यालयों के माध्यम से नाकारा सामान सहायक भंडार नियंत्रक कार्यालय में जमा होता है और यहीं से ऑक्शन कर प्रतिमाह उसका निस्तारण होता है।
कई बार अधिकारी अन्य दैनिक कार्यों में उलझे होने के कारण समय से ऑक्शन नहीं कर पाते।
जिससे सामान जंग खाता है और राजस्व प्राप्त होने में विलम्ब होता है। डिस्कॉम प्रबंधन ने मुख्य अभियंता (पदार्थ प्रबंधन), अधीक्षण अभियंता (निरीक्षण एवं भंडार) को अनुपयोगी सामान के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यालय की निरीक्षण एवं भंडार विंग ने वृत्त कार्यालयों से संपर्क कर फील्ड में पड़े नीलामी योग्य स्क्रेप मैटेरियल की सर्वे रिपोर्ट तैयार करने और नियमित ऑक्शन प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग की। इसी का नतीजा रहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान निगम के सभी सर्किलों में जहां क्रमशः कुल 115 एवं 185 ऑक्शन ही हो पाए थे। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जनवरी माह तक कुल 221 ऑक्शन हो चुके हैं। इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति के अभी दो माह और शेष हैं, जिससे यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
नीलाम किए बरसों पुराने 34 वाहन
कई भंडार कार्यालयों में 15 साल से भी अधिक पुराने वाहन धूल खा रहे थे। बरसों पुराने इन वाहनों पर बकाया रोड टैक्स एवं अन्य बकाया करों का विवरण परिवहन विभाग से प्राप्त करना टेढ़ी खीर था। ऐसे में डिस्कॉम प्रबंधन ने परिवहन मुख्यालय के स्तर पर सम्पर्क किया। साथ ही सर्किल स्तर से 15 जिलों में परिवहन अधिकारियों के स्तर पर प्रयास किए गए। परिवहन विभाग से इनकी जानकारी प्राप्त कर सर्वे रिपोर्ट के आधार 48 वाहनों को ऑक्शन में लाया गया। जिससे 34 अनुपयोगी वाहनों की नीलामी करने में सफलता मिली।
अभी दो माह में और राजस्व आने की उम्मीद
निगम ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक 104 करोड़ 39 लाख रूपए का राजस्व ऑक्शन के माध्यम से अर्जित किया है। वित्त वर्ष समाप्त होने तक यह राशि 125 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। यह विगत 5 वर्षों में अनुपयोगी मैटेरियल से प्राप्त अब तक का सर्वाधिक राजस्व है। अनुपयोगी सामग्री के ऑक्शन से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 30.85 करोड़, 2021-22 में 94.84 करोड़, 2022-23 में 86.84 करोड़, 2023-24 में 61.29 करोड़ तथा 2024-25 में 55.76 करोड़ की राशि ही हासिल हो पाई थी।
अलवर वृत्त और जयपुर जिला वृत्त ने की सर्वाधिक कमाई
निगम के भण्डार कार्यालयों में अलवर वृत्त ने 24.79 करोड़ तथा जयपुर जिला वृत्त ने 21.99 करोड़ रूपए स्क्रैप मैटेरियल के ऑक्शन से हासिल किए हैं। इसके पश्चात दौसा ने 9.34 करोड़ रूपए, भरतपुर ने 6.26 करोड़ रूपए, कोटा ने 5.66 करोड़ रूपए, जयपुर शहर वृत्त ने 5.28 करोड़, बारां ने 5.18 करोड़, सवाई माधोपुर ने 5.17 करोड़ रूपए, बून्दी ने 4.73 करोड़, टोंक ने 4.54 करोड़ रूपए, करौली ने 4.31 करोड़ रूपए, झालावाड़ ने 4.17 करोड़ और धौलपुर ने 2.94 करोड़ रूपए ऑक्शन से जुटाए हैं।

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