जयपुर नगर निगम ने की शुरुआत : पुलिस को लिखा पत्र, जनगणना कार्य में लापरवाही तो दर्ज होगी एफआईआर
प्रशिक्षण लिया, लेकिन कार्य नहीं किया
जगतपुरा-झालाना जोन ने 10 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी की है। आरोप है कि ट्रेनिंग लेने के बावजूद कर्मचारी जनगणना-2027 कार्य में शामिल नहीं हुए। निगम ने जनगणना अधिनियम 1948 की धारा-11 का हवाला देते हुए पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
जयपुर। अगर किसी कर्मचारी ने जनगणना कार्य में लापरवाही बरती, तो उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। इसकी शुरुआत जयपुर नगर निगम की ओर से कर दी गई है। निगम के जगतपुरा और झालाना जोन उपायुक्त ने जवाहर सर्किल थानाधिकारी कों पत्र लिख कर दस कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा है। इस पत्र में उस कानून का हवाला भी दिया गया है, जिसके तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है। जोन उपायुक्त ममता नागर की ओर से शुक्रवार को लिखे इस पत्र में श्याम सुंदर दाधीच, अनुराधा सिंह, अल्का वर्मा, देवी सिंह पालावत कपिल शर्मा, मुराराी लाल शर्मा, मुरारीलाल बैरवा, निर्मला सैनी, संगीता मीणा एवं मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का कहा गया है। सभी कर्मचारी शिक्षक है और जनगणना-2027 में प्रगणक लगाए गए है।
प्रशिक्षण लिया, लेकिन कार्य नहीं किया
इन सभी कर्मचारियों ने जनगणना के लिए ट्रेनिंग भी प्राप्त कर ली, लेकिन उपस्थित नहीं हो रहे है। इस संबंध में संबंधित प्रगणकों को जोन कार्यालय से नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन उसके बाद भी जोन कार्यालय में ना तो उपस्थिति दी है और ना ही एचएलबी में जनगणना का कार्य किया जा रहा है। इससे जनगणना कार्य प्रभावित हो रहा है। अब थानाधिकारी जवाहर सर्किल को संबंधित प्रगणकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
इस संबंध में जब जोन उपायुक्त ममता नागर से जानकारी चाही, तो उन्होंने इस तरह के पत्र लिखने से इंकार कर दिया। लेकिन जब उनको पत्र की प्रति के बारे में बताया गया, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सिर्फ इतना सा कहा कि जनगणना प्रगणकों को समझाया जा रहा है। पत्र अभी पुलिस को नहीं भेजा है। इस संबंध में जवाहर सर्किल थानाधिकारी महेश चंद गुर्जर ने कहा कि जोन उपायुक्त की ओर से लिखा पत्र प्राप्त हुआ है। इस संबंध में जांच की जा रही है।

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