जेडीए अपने रीजन में शामिल नए इलाकों में नहीं करे कोई निर्माण, हाईकोर्ट ने सचिव और जिला कलेक्टर से किया जवाब तलब
निवासियों से आपत्ति मांगे बिना यह कार्रवाई की
राजस्थान हाईकोर्ट ने जेडीए को नए शामिल क्षेत्रों में निर्माण पर रोक लगाई। अदालत ने यूडीएच सचिव, जेडीए, स्वायत्त शासन सचिव, कलेक्टर व प्रदूषण बोर्ड से जवाब मांगा। 539 गांवों को रीजन में जोड़ने की अधिसूचना को चुनौती देते हुए याचिका में बिना आपत्तियां लिए कृषि, चारागाह व इकोलॉजिकल जोन शामिल करने पर सवाल उठाए गए।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जेडीए को कहा है कि वह अपने रीजन में शामिल किए गए नए इलाकों में किसी तरह का कोई निर्माण नहीं करे। अदालत ने मामले में प्रमुख यूडीएच सचिव, जेडीए, प्रमुख स्वायत्त शासन सचिव, जिला कलेक्टर और प्रदूषण नियंत्रण मंडल से जवाब तलब किया है। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस बीएस संधू की खंडपीठ ने यह आदेश संजय जोशी की ओर से दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान जेडीए की ओर से अधिवक्ता अमित कुडी पेश हुए। याचिका में अधिवक्ता जया मित्र ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार की ओर से गत 3 अक्टूबर को एक अधिसूचना जारी कर जेडीए रीजन में 539 नए गांवों को शामिल कर दिया। इस इलाके में कृषि भूमि, इकोलॉजिकल जोन, चारागाह भूमि और पानी का केचमेंट एरिया सहित अन्य वन्य क्षेत्र शामिल हो गए हैं। इस अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा गया कि स्थानीय ग्राम पंचायतों और निकायों व निवासियों से आपत्ति मांगे बिना यह कार्रवाई की गई है।

Comment List