रसोई गैस का विकल्प पीएनजी : 3 साल में 79.71 लाख घरों में पाइपलाइन से पहुंचेगी गैस, 2 हजार किमी पाइपलाइन बिछाने में जुटी 13 कंपनियां
पीएनजी सप्लाई की वर्तमान स्थिति
ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई अब वक्त की मांग है, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और गहराता जाएगा। प्रशासन को सिर्फ दावों से आगे बढ़कर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, ताकि बाजार व्यवस्था सुचारू रहे और लोगों का भरोसा कायम रह सके।
जयपुर। मिडिल ईस्ट में इजरायल-अमेरिका के साथ ईरान युद्ध के प्रभाव से देश-प्रदेश में अभी रसोई गैस आपूर्ति प्रभावित है। किल्लत के चलते मांग अनुरूप सिलेंडर सप्लाई नहीं हो रहे हैं, लेकिन प्रदेश में आगामी तीन साल में 79.71 लाख घरों में रसोई गैस सिलेंडरों की जरूरत नहीं रहेगी। उनकी जगह पाइपलाइन से नेचुरल गैस यानी पीएनजी सीधे रसोई में सप्लाई होगी। अभी करीब 60-65 फीसदी रसोई गैस सिलेंडर गैस के लिए भारत को विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन पीएनजी कनेक्शन होने के बाद विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता घटेगी। भारत में इसका उत्पादन पीएनजी सप्लाई नेटवर्क के साथ लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में भजनलाल सरकार पीएनजी के लिए वर्ष 2025 में राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी लेकर आई थी, जिसके बाद प्रदेश में 13 कंपनियों को राजस्थान के 17 जियोग्राफिकल्स एरिया मुताबिक पाइपलाइन बिछाने का काम दे दिया गया है। कंपनियां प्रदेश में पाइपलाइन बिछाने के साथ ही कनेक्शन देने का काम भी कर रहीं हैं। सितम्बर 2025 तक प्रदेश में मात्र 99,709 ही कनेक्शन थे, अब यह करीब 3.83 लाख बढ़कर 4.83 लाख हो गए हैं।
2029 तक आधे घरों में सिलेंडर गायब होंगे
प्रदेश में वर्तमान में करीब 1.60 करोड़ रसोई गैस उपभोक्ता है। मार्च 2029 तक प्रदेश में 79.71 लाख उपभोक्ताओं के घर पीएनजी गैस पाइपलाइन से पहुंच जाएगी। ऐसे में करीब आधे घरों में रसोई गैस सिलेंडर की आवश्यकता खत्म हो जाएगी।
पीएनजी सप्लाई की वर्तमान स्थिति
प्रदेश में सितम्बर 2025 के बाद पाइपलाइन से अब तक 4.83 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं। कोटा में राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड ने कुल 70 हजार कनेक्शन दिए हैं। वहीं 2025-26 में आठ शहरों जयपुर, कोटा, अलवर, जोधपुर, उदयपुर, बूंदी, अजमेर, पाली में 2 हजार किमी पाइप लाइन से 1 लाख कनेक्शन देने का लक्ष्य है। पाली और जोधपुर में पाइपलाइन को मंजूरी भी मिल चुकी है।
क्या है पीएनजी रसोई गैस
पाइपलाइन से रसोई गैस के रूप में पीएनजी गैस सप्लाई होती है। इसमें मुख्य रूप से 88-95 फीसदी मीथेन होती है और थोड़ी मात्रा में हाईड्रोकॉर्बन होते हैं। यह पर्यावरण के लिए बहुत साफ और सुरक्षित मानी जाती है। जब सिलेंडर में आने वाली गैस प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होता है। सिलेंडर में तरल रूप में होती है।

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