PKC-ERCP की दो बड़ी परियोजनाओं से लाखों लोगों को मिलेगा पेयजल : कोटा, बारां, झालावाड़ और बूंदी के हजारों गांवों में स्थायी जल आपूर्ति
लाखों लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा
कोटा संभाग में पेयजल संकट दूर करने के लिए PKC-ERCP परियोजना के तहत नौनेरा और परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा। इन परियोजनाओं से बारां, कोटा, झालावाड़ और बूंदी के 1 लाख 52 हजार परिवारों सहित हजारों गांवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध।
जयपुर। कोटा संभाग में पेयजल संकट को दूर करने के लिए PKC-ERCP परियोजना के तहत नौनेरा और परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इन दोनों बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से लाखों लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना को पाँच कार्यकारी पैकेजों में विभाजित किया गया है। इसके प्रथम पैकेज में झालावाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र के कई इलाकों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इस परियोजना के तहत मनोहरथाना, खानपुर, छबड़ा, बारां-अटरू, अंता और किशनगंज क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। परियोजना में दो इन्टेक वेल, जल शोधन संयंत्र तथा ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया जाएगा। इससे बारां, कोटा और झालावाड़ जिलों के कुल 1402 गांवों और 276 ढाणियों के 1 लाख 52 हजार 437 परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना को चार कार्यकारी पैकेजों में विकसित किया जा रहा है। इसके चौथे पैकेज से कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र और बूंदी जिले को पेयजल उपलब्ध होगा। इस पैकेज के तहत बूंदी के 94 ग्राम, केशोरायपाटन के 271 गांव और तीन शहरों को लाभ मिलेगा। परियोजना में 7 मध्यवर्ती पम्प हाउस, 719.25 किमी क्लियर वाटर राइजिंग मेन पाइपलाइन, 546.06 किमी क्लस्टर डिस्ट्रीब्यूशन मेन लाइन और 926.52 किमी ग्रामीण वितरण पाइपलाइन का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही 69 ईएसआर, 52,239 घरेलू जल कनेक्शन और 6 सीडब्ल्यूआर का निर्माण भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से कोटा संभाग के हजारों गांवों और लाखों लोगों को स्थायी पेयजल व्यवस्था मिल सकेगी।

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