आरपीएससी प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 : फर्जी डिग्री प्रकरण में मेवाड़ यूनिवर्सिटी का कार्यालय सहायक गिरफ्तार
मामले में आगे की जांच जारी
जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित प्राध्यापक-हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री जारी करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार के कार्यालय सहायक बिरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी ने आयोग में मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार, चित्तौड़गढ़ से जारी एम.ए. (हिन्दी) की डिग्री प्रस्तुत की थी। आयोग द्वारा सत्यापन कराने पर यह डिग्री फर्जी पाई गई। इसके बाद पुलिस थाना सिविल लाइन, अजमेर में 20 मार्च 2024 को प्रकरण संख्या 100/2024 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि मेवाड़ यूनिवर्सिटी के फाइलिंग असिस्टेंट बिरेन्द्र सिंह ने विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोप है कि उसने अपनी ई-मेल आईडी से दिल्ली स्थित प्रिंटिंग प्रेस को फर्जी डिग्री छापने के लिए मेल भेजा और डिग्री तैयार करवाकर यूनिवर्सिटी में मंगवाई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर कर फर्जी डिग्री अभ्यर्थी को उपलब्ध कराई गई।
एसओजी ने आरोपी बिरेन्द्र सिंह को 27 मई 2026 को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 30 मई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, बिरेन्द्र सिंह के खिलाफ पूर्व में भी फर्जी डिग्री जारी करने में सहयोग करने के आरोप में थाना सिविल लाइन, अजमेर में प्रकरण संख्या 101/2024 दर्ज हो चुका है। इसके अलावा गुजरात के आनंद थाने में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज है और वह वहां भी गिरफ्तार हो चुका है। अब तक इस प्रकरण में फर्जी डिग्री प्राप्त करने वाली अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी सहित कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपी बिरेन्द्र सिंह मूल रूप से आदमपुर, पोस्ट दोगाथ, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। वर्तमान में वह राजेन्द्र नगर, शाहिबाबाद, गाजियाबाद में रह रहा था।

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