आईएफएमएस 3.0 में निर्माण कार्यों के बिल के लिए नए निर्देश जारी : पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करना उद्देश्य, प्रायोगिक सफलता के बाद पूरे राज्य में लागू होगी व्यवस्था
प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी
निर्माण कार्यों के बिल अब और पारदर्शी होंगे। वित्त (कोष एवं लेखा) विभाग ने नया परिपत्र जारी कर 11 मई 2026 से चयनित निर्माण व वन खण्डों में IFMS 3.0 से बिल प्रक्रिया लागू करने का फैसला किया है। WAM पोर्टल बंद होगा। बैंक विवरण जांच, डेटा पुष्टि अनिवार्य रहेगी। सफल परीक्षण के बाद व्यवस्था पूरे राज्य में लागू होगी।
जयपुर। वित्त (कोष एवं लेखा) विभाग ने निर्माण कार्यों से संबंधित बिल बनाने की प्रक्रिया को लेकर नया परिपत्र जारी किया है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता, सुगमता और शुद्धता सुनिश्चित करना है। परिपत्र के अनुसार 11 मई 2026 से चयनित निर्माण खण्डों और वन खण्डों में नई व्यवस्था प्रायोगिक रूप से लागू की जाएगी। इन खण्डों में अब पुराने डब्ल्यूएएम पोर्टल पर बिल बनाने की सुविधा समाप्त कर दी जाएगी और सभी भुगतान बिल आईएफएमएस 3.0 के बिल अनुभाग के माध्यम से तैयार किए जाएंगे।
नई व्यवस्था में निर्माता, परीक्षक और अनुमोदक की प्रणाली लागू रहेगी। साथ ही संवेदक की बैंक विवरण की जांच अनिवार्य होगी और पूर्व के आंकड़ों के स्थानांतरण के बाद उनकी पुष्टि करना भी आवश्यक रहेगा। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र द्वारा तकनीकी सुविधाएं, आंकड़ा स्थानांतरण और प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि कोष एवं लेखा विभाग तकनीकी समस्याओं के समाधान में सहयोग करेगा। प्रायोगिक सफलता के बाद यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू की जाएगी।

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