ओबीसी आयोग का 45 फीसदी सर्वे पूरा, 3 दिन में 55 काम पूरा करने की चुनौती
अंतिम तीन दिनों में शेष 55 प्रतिशत सर्वे पूरा
जयपुर। पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण का आधार बनने वाले राज्य ओबीसी आयोग के सर्वे की रफ्तार अभी भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई है। आयोग की ओर से जारी सर्वे का अब तक केवल 45 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है, जबकि 23 जुलाई तक 100 प्रतिशत सर्वे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऐसे में अंतिम तीन दिनों में शेष 55 प्रतिशत सर्वे पूरा करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सर्वे की धीमी प्रगति को देखते हुए राज्य ओबीसी आयोग ने सभी जिला कलेक्टरों को सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने फील्ड टीमों की संख्या बढ़ाने और तय समय सीमा में कार्य पूरा करने पर विशेष जोर दिया है। जानकारी के अनुसार दो दर्जन से अधिक जिलों में सर्वे का कार्य 50 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच पाया है। राजधानी जयपुर जिले में भी करीब 50 प्रतिशत सर्वे ही पूरा हुआ है। वहीं बारां, करौली, कोटा, बांसवाड़ा, बालोतरा, डीग, झुंझुनूं और अलवर जैसे जिलों में 30 प्रतिशत सर्वे भी पूरा नहीं हो सका है।
दूसरी ओर बाड़मेर और सलूंबर ऐसे जिले हैं, जहां 70 प्रतिशत से अधिक सर्वे कार्य पूरा किया जा चुका है। सर्वे कार्य की समय सीमा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों को लेकर स्पष्ट समय-सीमा तय की है। अदालत के निर्देशानुसार राज्य ओबीसी आयोग को 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधित्व और आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद ही वार्डों और पंचायत क्षेत्रों के आरक्षण की प्रक्रिया तथा लॉटरी का कार्यक्रम आगे बढ़ सकेगा। उधर, हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने भी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव निर्धारित समय में कराने की तैयारियां तेज कर दी हैं। ऐसे में आयोग के सामने तय समय में सर्वे पूरा कर रिपोर्ट सौंपने की बड़ी जिम्मेदारी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या अंतिम तीन दिनों में शेष 55 प्रतिशत सर्वे पूरा कर आयोग अपने लक्ष्य को हासिल कर पाएगा।

Comment List