कोचिंग सेंटर नियंत्रण बिल को इसी माह लागू करने की तैयारी, ड्राफ्ट में संशोधनों को उच्च स्तर से मिल सकती है मंजूरी
100 या अधिक छात्रों वाले कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण अनिवार्य
राजस्थान में कोचिंग सेंटर नियंत्रण बिल इस महीने प्रदेश में लागू करने की कवायद तेज की जा रही। बिल के ड्राफ्ट में विधि और वित्त विभाग के कुछ सुझावों पर विचार करने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और उसे उच्च स्तर से मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जाएगा।
जयपुर। राजस्थान में कोचिंग सेंटर नियंत्रण बिल (राजस्थान कोचिंग सेंटर्स (कंट्रोल एंड रेगुलेशन) बिल, 2025) इस महीने प्रदेश में लागू करने की कवायद तेज की जा रही है। बिल के ड्राफ्ट में विधि और वित्त विभाग के कुछ सुझावों पर विचार करने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और उसे उच्च स्तर से मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जाएगा। यह बिल मुख्य रूप से कोटा जैसे कोचिंग हब में छात्रों की आत्महत्या और तनाव की घटनाओं को रोकने के लिए लाया गया था। गौरतलब है कि यह विधेयक राजस्थान विधानसभा में 3 सितंबर 2025 को ध्वनिमत से पारित हो चुका है।
इसे पहले मार्च 2025 में पेश किया गया था, फिर सिलेक्ट कमेटी को भेजा गया और कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर संशोधनों के साथ इसे पास किया गया। अब यह बिल प्रक्रिया पूरी करने के बाद कानून बन चुका है। अक्टूबर 2025 तक इसके नियमों की ड्राफ्टिंग शुरू हो गई थी और दिसंबर 2025 तक प्रारूप तैयार होने की उम्मीद जताई गई थी। इसी बीच कुछ नियमों को लेकर विधि विभाग और वित्त विभाग ने अपने सुझाव दिए। जिसके बाद बिल का ड्राफ्ट वापस ड्राफ्ट कमेटी के पास भेजा गया। अब ड्राफ्ट कमेटी ने दोनों विभागों के सुझावों पर विचार करने के बाद नियमों में आंशिक संशोाधन कर मंजूरी के लिए उच्च स्तर पर भेज दिया है।
बिल के प्रमुख प्रावधान
1. 100 या अधिक छात्रों वाले कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण अनिवार्य।
2. छात्र कल्याण, मेंटल हेल्थ सपोर्ट, काउंसलर की नियुक्ति, फीस रिफंड नियम, भ्रामक विज्ञापन पर रोक आदि।
3. उल्लंघन पर जुर्माना (पहली बार 50,000 से दो लाख तक, संशोधन के बाद) और पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान।
4. राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण एवं विनियमन प्राधिकरण का गठन।
कोचिंग सेंटर नियंत्रण बिल विधानसभा में पारित होने के बाद कानून बन चुका है। कुछ नियमों पर विधि और वित्त विभाग के सुझावों के बाद नियमों में संशोधन किया जा रहा है। हम सभंवत: इसी महीने इस बिल को लागू करने के लिए प्रयासरत हैं।
कुलदीप रांका, एसीएस उच्च शिक्षा विभाग

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