राजस्थान विधानसभा : भरतपुर और कोटा संभाग में खाद आपूर्ति पर सदन में उठे सवाल, विपक्ष ने लगाए आरोप
30 हजार 600 मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता रही
राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में भरतपुर-कोटा संभाग में खाद आपूर्ति पर चर्चा। विधायक ललित मीणा के सवाल पर मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि 30,600 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध। बारां-झालावाड़ में 16 लाइसेंस निरस्त, 1373 औचक निरीक्षण।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल में भरतपुर और कोटा संभाग में खाद की आपूर्ति का सवाल उठा। विधायक ललित मीणा के सवाल पर मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जवाब दिया कि 30 हजार 600 मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता रही है। बारां, झालावाड़ में जबरन अटैचमेंट की शिकायत के आधार पर लाइसेंस निरस्त किए गए, अन्य सीमावर्ती जिलों की कोई शिकायत नहीं मिली। तस्करी की अन्य स्थानों पर 4 शिकायत हुई, जिनकी एफआईआर दर्ज हुई, 6 महीने में भरतपुर-कोटा संभाग में 1373 औचक निरीक्षण हुए। उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई भी हुई।
ललित मीणा ने पूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि बारां-झालावाड़ में 16 विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त हुए, क्या सरकार का कोई विशेष अटैचमेंट है। किसान से जबरन अटैचमेंट किया जाता है, क्या सरकार कार्यवाही करेगी। मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि किसानों को जबरन अटैचमेंट दिए जाने से किसानों पर आर्थिक भार आता है। निरंतर निर्देश जारी किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के नामजद ड्यूटी भी लगाई है, हमने राज्य स्तर पर फर्टिलाइजर टास्क फोर्स का भी गठन किया है। धरती माता बचाओ अभियान के तहत हमने कार्य किये हैं। सख्त निगरानी समिति भी बनाई है, 744 उर्वरक निरीक्षक द्वारा बड़ी तादाद में निरीक्षण हुए, 765 को कारण बताओ नोटिस जारी किए, 300 से ज्यादा पर बिक्री पर रोक लगाई। ललित मीणा ने कहा कि बड़ी कंपनियां सब डीलर को माल देती है, सबडीलर किसान को जबरन अटैचमेंट के बिना यूरिया नहीं देताहै। डॉ. किरोड़ी मीणा ने कहा कि बड़ी कंपनियां जबरदस्त अटैचमेंट करती है, उस अटैचमेंट को रोकने की दृष्टि से हमारे सभी इंस्पेक्टर्स ने नोटिस जारी किया और सख्ती बरती है। मैंने स्वयं सूरतगढ़ जाकर कार्रवाई की। बड़ी कंपनी नहीं मानेगी तो हम उसका लाइसेंस ही निरस्त करेंगे। हम पुलिस का साथ लेकर चैक पोस्ट बनाएंगे जिससे डायवर्जेंट रुक जाए। उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने पूछा कि यूरिया की भारी कमी के समाचार थे, आपूर्ति अधिक होने के बाद ऐसी खबर क्यों आई। मंत्री मीणा ने कहा कि जमीन में नमी बनी हुई है और सरसों व गेंहू की बुवाई में गैप होता है,इस बार गेप कम रहा। हमने पर्ची के माध्यम से फर्टिलाइजर वितरित किया।

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