पैक्स कम्प्यूटरीकरण में राजस्थान अव्वल, 5,646 ई-पैक्स से 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन
किसानों और ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई सुविधाएं
जयपुर। राजस्थान ने सहकारिता क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियों) के कम्प्यूटरीकरण अभियान को नई गति दी है। प्रथम चरण में प्रदेश की 5,646 पैक्स को ई-पैक्स में परिवर्तित किया जा चुका है। इनके माध्यम से अब तक 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन किए जा चुके हैं, जो देश में हुए कुल ऑनलाइन ट्रांजेक्शनों का लगभग एक-तिहाई है। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश की 4,875 पैक्स अब तीन या उससे अधिक व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। इन समितियों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, किसान उत्पादक संगठन (FPO) तथा जन औषधि केंद्र जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई सुविधाएं मिल रही हैं।
वहीं, केंद्र सरकार की प्रत्येक पंचायत में सहकारी समिति गठन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत राजस्थान में अब तक 5,279 नई बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है। इनमें 1,977 एम-पैक्स (M-PACS) का गठन कर राजस्थान ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। इसके अलावा, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की सदस्यता दिलाने के मामले में भी राजस्थान देश में अग्रणी है। राज्य सरकार का लक्ष्य सहकारिता संस्थाओं को तकनीक, पारदर्शिता और बहुउद्देशीय सेवाओं से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।

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