जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल : ध्रुपद घराना डागर के सिद्धहस्त गायक निलोही ने की शुरुआत, 'जाग तुझको दूर जाना बुक' की लॉन्च
राग ललित में दो आलाप प्रस्तुत किए
क्लार्क्स आमेर में चल रहे जयपुर लिटलेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन की शुरुआत मॉर्निग संगीत के साथ हुई
जयपुर। क्लार्क्स आमेर में चल रहे जयपुर लिटलेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन की शुरुआत मॉर्निग संगीत के साथ हुई। आज की सुबह निलोय अहसान की ओर से प्रस्तुत ध्रुपद के विभिन्न तरंणगो से हुई। प्रसिद्ध ध्रुपद घराना डागर के सिद्धहस्त गायक निलोही ने डागरवानी प्रस्तुत की। शुरुआत में उन्होंने सुबह के राग ललित में दो आलाप प्रस्तुत किए। जिनमें सुरों का उतार चढ़ाव और ध्रुपद की बारीकियों के रंग झिलमिलाते महसूस हुए। उन्होंने ध्रुपद ख्याल में 'आए रघुवीरां' व 'उधो कहे कौन को है मीत तुम जा कहियो' पेश किए। उनके साथ पखावज पर प्रवीण आर्य एवं तान पुरा पर रहमान शेख व गौरव शर्मा ने संगत की।
बच्चों की भीड़
क्लार्क्स आमेर में चल रहे जयपुर लिटलेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन शनिवार को स्कूली बच्चों की भीड़ देखने को मिली। इस दौरान बच्चों ने अपने दोस्तों के साथ सेल्फी लेकर दिन को स्पेशल बनाया और अपने चहेतों के सत्र में भाग लिया।
'जाग तुझको दूर जाना बुक' लॉन्च
जे एल एफ के तीसरे दिन दरबार हॉल में जाग तुझको दूर जाना सेशन में जाग तुझको दूर जाना बुक की लॉन्च के साथ हुई। इस सत्र में वक़्ता के रूप में नमिता गोखले, पुष्पेश पंत व ऐश्वर्ज कुमार रहे। वही सत्र की मॉडरेटर अदिति महेश्वरी थी। ऐश्वर्ज कुमार ने बताया कि किताब का अनुवाद करते वक़्त एक भय था कि क्या इस बुक के न्याय कर पाऊंगा क्या? किताब में बताया गया है कि इसमें बारिश का का प्रतिबिंब है। हम सबकुछ हिंदी में नही बोलते है। कुछ शब्द इंलिश के आ ही जाते है। मैंने अनुवाद के दौरान हिंदी के वर्ड उपयोग करने का प्रयास किया। ये मेरा पहला साहित्य का अनुवाद है। अंग्रेजी शब्द को विकल्प बनाना बहुत आसान है।
Comment List