महिला एवं बाल विकास विभाग में लापरवाही पर सख्ती : 160 नोटिसों का निस्तारण, दो कर्मचारी बर्खास्त
विभिन्न मामलों में कर्मचारियों को जवाबदेही के दायरे में लिया
महिला एवं बाल विकास विभाग ने लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्त रुख। 160 नोटिसों में से 78 महिला कर्मचारियों को जारी। विभाग ने 42 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई लंबित और दो को बर्खास्त। कार्यस्थल पर अनुपस्थिति, रिश्वत मांगने, पोषण अभियान में कमी और अनुशासनहीनता के मामलों में नोटिस।
जयपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग में लापरवाही और अनियमितताओं पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी संख्या में नोटिस और आरोप पत्र जारी किए गए हैं। विभाग ने 17 और 16 सीसी के तहत कार्रवाई करते हुए विभिन्न मामलों में कर्मचारियों को जवाबदेही के दायरे में लिया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के दौरान जारी 160 नोटिसों का निस्तारण किया गया, जिनमें से 78 नोटिस महिला कर्मियों को जारी किए गए थे। वहीं वर्ष 2025-26 में अब तक 42 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई लंबित है। विभागीय कार्रवाई के दौरान दो कर्मचारियों को राजकीय सेवा से बर्खास्त भी किया जा चुका है।
अनुशासनहीनता के मामलों में वॉट्सएप पर अमर्यादित भाषा और फोटो साझा करने पर भी संबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा कार्यस्थल पर बिना सूचना अनुपस्थित रहने और मनमर्जी से ड्यूटी नहीं करने के मामलों में भी कार्रवाई की गई। विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के चयन में देरी, पोषण अभियान के तहत आवंटित बजट का 90 प्रतिशत से कम उपयोग, सूचकांकों पर बेहद कम प्रगति, मानदेय कर्मियों के चयन और भर्ती में अनियमितता तथा ब्लॉक स्तर की बैठकों और कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहने जैसे मामलों में भी कर्मचारियों को नोटिस थमाए हैं। इसके साथ ही चयन के लिए 5 हजार रुपए रिश्वत मांगने और पद से नहीं हटाने के बदले पैसे मांगने जैसे गंभीर आरोपों के मामलों में भी विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। वहीं पोषाहार उपलब्ध नहीं होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को समय पर नहीं देने पर भी संबंधित कर्मियों से जवाब मांगा गया है।

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