सूफी फेस्टिवल : सूफियाना सुरों से सजी शाम, दर्शकों ने लिया सूफी कलाम और कव्वाली की मोहक प्रस्तुतियों का आनंद
शानेआलम साबरी एवं समूह सूफी गीत पेश
जेकेके में चल रहे सूफी फेस्टिवल के दूसरे दिन रंगायन सभागार सूफियाना सुरों से सराबोर हो उठा। इस संगीतमय शाम में दर्शकों ने सूफी कलाम और कव्वाली की मोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
जयपुर। जेकेके में चल रहे सूफी फेस्टिवल के दूसरे दिन रंगायन सभागार सूफियाना सुरों से सराबोर हो उठा। इस संगीतमय शाम में दर्शकों ने सूफी कलाम और कव्वाली की मोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सूफी गायक बुन्दू खान राजस्थानी की प्रस्तुति से हुई, जिन्होंने तू बड़ा गरीब नवाज है..., जैसे दिल छू लेने वाले सूफी गीत से महफिल में रूहानी माहौल बना दिया।
इसके बाद सांसों की माला पे सिमरूं..., छाप तिलक... और दमादम मस्त कलंदर... जैसे लोकप्रिय सूफी गीतों ने विभोर कर दिया। इसके बाद मंच पर कव्वाली का दौर शुरू हुआ, जिसमें सलीम राजा एवं समूह ने जिक्र तेरा करती हैं मछलियां समंदर में.. जैसी कव्वालियों से समां बांध दिया। इस कार्यक्रम में गुरुवार को शानेआलम साबरी एवं समूह सूफी गीत पेश करेंगे, वहीं मीनू गारू एवं समूह कथक की आध्यात्मिक अभिव्यक्ति से मंच को संवारेंगे।

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