आईएएस देथा के माफी मांगने पर अवमानना कार्यवाही समाप्त, कोर्ट ने कहा- आमजन की जगह खुद को रखकर देखो

तीनों अफसरों को अवमानना की कार्यवाही से मुक्त

आईएएस देथा के माफी मांगने पर अवमानना कार्यवाही समाप्त, कोर्ट ने कहा- आमजन की जगह खुद को रखकर देखो

अदालत के सामने आया कि आईएएस देथा के खिलाफ अवमानना के 46 मामले लंबित हैं।

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से अवमानना के मामले में दिए गए आदेश की पालना में आईएएस भवानी सिंह देथा और तत्कालीन संयुक्त कॉलेज शिक्षा आयुक्त आरसी मीणा ने पेश होकर अदालत से बिना शर्त माफी मांगी। वहीं आईएएस शुचि त्यागी के अवकाश पर होने के चलते उनकी ओर से माफी मांगने की जानकारी एएजी विज्ञान शाह ने अदालत के सामने रखी। इस पर अदालत ने तीनों अधिकारियों को अवमानना की कार्रवाई से मुक्त कर दिया। जस्टिस उमाशंकर व्यास ने यह आदेश डॉ. डीसी डूडी की अवमानना याचिका का निस्तारण करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान आईएएस देथा और आरसी मीणा अदालत में पेश हुए। अदालत ने उनसे कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी उनकी ओर से पालना नहीं की जाती है। ऐसे में पक्षकार को अवमानना याचिका दायर करने के लिए एक बार फिर अदालतों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

अदालत ने कहा कि आम आमजन की जगह खुद को रखकर सोचिए। मैं मध्यम वर्गीय परिवार से आया हूं और मुझे पता है कि आमजन को ऐसे मामलों में कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जनता के हितों को देखते हुए अफसरों को तय समय में आदेशों की पालना करनी चाहिए। इस पर आईएएस देथा ने कहा कि उनका कभी भी अदालती आदेश की अवमानना करने का आशय नहीं रहता है और वे बिना शर्त माफी मांगते हैं। देथा ने अदालत को आश्वस्त किया कि भविष्य में अदालती आदेशों की समय पर पालना की जाएगी। इस दौरान दूसरे अधिकारी आरसी मीणा ने भी अदालत से माफी मांगी। वहीं अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने अदालत को बताया कि आईएएस शुचि त्यागी बाहर होने के चलते अदालत में नहीं आई हैं, लेकिन उन्होंने अदालत से बिना शर्त माफी का संदेश भिजवाया है। ऐसे में उन्हें भी अवमानना से मुक्त किया जाए।

जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने तीनों अफसरों को अवमानना की कार्यवाही से मुक्त कर दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजय चौधरी ने बताया कि याचिकाकर्ता सांभर लेक में कॉलेज व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व वह हरियाणा में लेक्चरर था। विभाग ने करियर एडवांसमेंट स्कीम के लिए उनकी पुरानी सेवा को सेवा लाभ में नहीं जोड़ा। ऐसे में उसे बढे हुए वेतनमान वेतनमान मिलने में डेढ़ साल की देरी हुई। इस पर डूडी की ओर दायर याचिका में एकलपीठ ने 5 मई 2022 को याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला दिया था। राज्य सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने के बाद भी विभाग ने आदेश की पालना नहीं की। इस पर अदालत में अवमानना याचिका दायर हुई थी। अदालत के सामने आया कि आईएएस देथा के खिलाफ अवमानना के 46 मामले लंबित हैं। इस पर अदालत ने तीनों अफसरों को पेश होने को कहा था। 

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