विधानसभा में 75 शिक्षकों का जिला आवंटन निरस्त होने का उठा मामला, मंत्री ने स्वीकारी गलती
टीएसपी क्षेत्र में सामान्य क्षेत्र के अभ्यर्थियों का चयन
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 75 शिक्षकों का जिला आवंटन निरस्त किए जाने का मामला शून्यकाल में ध्यानाकर्षण के जरिए उठा। विधायक श्रीचंद कृपलानी ने सदन में कहा कि चयनित शिक्षकों को सेवा से कार्यमुक्त कर दिया गया, जबकि वे कार्यभार ग्रहण कर चुके थे।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को 75 शिक्षकों का जिला आवंटन निरस्त किए जाने का मामला शून्यकाल में ध्यानाकर्षण के जरिए उठा। विधायक श्रीचंद कृपलानी ने सदन में कहा कि चयनित शिक्षकों को सेवा से कार्यमुक्त कर दिया गया, जबकि वे कार्यभार ग्रहण कर चुके थे। यह बच्चों के जीवन-मरण से जुड़ा सवाल है। चयनित अभ्यर्थियों ने विधिवत कार्य जॉइन कर लिया था, लेकिन बाद में चयन बोर्ड ने उनका चयन निरस्त कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए अभ्यर्थियों को कार्यमुक्त किया गया। सभी 75 चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से कई अभ्यर्थियों का पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हुआ है और कुछ की शादियां तक टूटने की कगार पर पहुंच गई हैं। कृपलानी ने मांग की कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को पुनः बहाल किया जाए। इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि चयन बोर्ड से गलती हुई है। टीएसपी क्षेत्र में सामान्य क्षेत्र के अभ्यर्थियों का चयन कर दिया गया, जबकि पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध थे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के पदों पर अन्य लोगों की भर्ती नहीं होनी चाहिए थी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि मामले में न्यायालय के आदेश और विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।

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