रंगमंच के जरिए भूगोल की पाठशाला, छात्राओं ने अभिनय से पर्यावरण और प्रकृति का महत्व समझाया
नदियाँ मानवजनित प्रदूषण के दुष्प्रभावों को उजागर
जयपुर । प्रयागराज स्थित उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में शहीद लेफ्टिनेंट अभय पारीक राजकीय बालिका विद्यालय, गांधी नगर, जयपुर में "शिक्षा में रंगमंच" कार्यशाला के अंतर्गत तैयार नाटक भूगोल का भूचाल का सफल मंचन विद्यालय के गार्गी सभागार में किया गया। यह कार्यशाला क्यूरियो टीम के गगन मिश्रा के निर्देशन एवं समर्थ शांडिल्य के सहयोग से चली, जिसमें 11वीं कक्षा की भूगोल पाठ्यपुस्तक के अध्याय-2 "भू-आकृति विज्ञान" पर आधारित यह नाटक तैयार किया गया।
नाटक में हिमालय और पश्चिमी घाट मानव रूप में अपनी भौगोलिक विशेषताओं और पर्यावरणीय महत्व को दर्शाते हैं, जबकि गंगा और गोदावरी नदियाँ मानवजनित प्रदूषण के दुष्प्रभावों को उजागर करती हैं। अंत में एक प्रभावशाली कोरस के माध्यम से मनुष्य प्रकृति के साथ संतुलित विकास का संकल्प लेता है। इस प्रस्तुति में भारती वर्मा, स्वाति, अंजली, नीलम, सलोनी, रिया कुमारी, सरिता, राधिका, संजना, गहना, आँचल, नेहा वैष्णव, वंशिका सहित कुल 25 छात्राओं ने पहली बार अभिनय करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रयास से भूगोल की जटिल अवधारणाओं को रोचक और अनुभवात्मक ढंग से सीखने में विद्यार्थियों को विशेष सहायता मिली।

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