क्योंझर की दर्दनाक घटना : आदिवासी युवक अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर पहुंचा बैंक, किरोड़ी लाल मीणा ने दी अपनी 1 महीने की सैलरी
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मामले में कार्रवाई की मांग की
एक आदिवासी युवक जीतू मुंडा द्वारा मृत बहन का कंकाल बैंक ले जाने की घटना से देशभर में आक्रोश। बैंक से पैसे निकालने की मजबूरी में यह कदम उठाया। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने एक महीने की सैलरी देने और कार्रवाई की मांग की।
जयपुर। ओडिशा के क्योंझर जिले में सामने आई एक मार्मिक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक आदिवासी युवक जीतू मुंडा अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया, ताकि वह उसके खाते से पैसे निकाल सके। अब इस घटना पर राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने संवेदनशील पहल करते हुए अपनी एक महीने की सैलरी देने की घोषणा की है। मंत्री ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक गरीब आदिवासी के साथ कागजी प्रक्रियाओं के नाम पर इस तरह की संवेदनहीनता समाज के लिए शर्मनाक है। डॉ. किरोड़ी मीणा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जीतू मुंडा का दर्द उनका अपना दर्द है और संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा रहना उनका कर्तव्य है। उन्होंने अपनी एक महीने की सैलरी, जो करीब 1.45 लाख रुपये है, पीड़ित परिवार को देने का ऐलान किया।
क्या है पूरा मामला ?
क्योंझर जिले के मल्लिपसी गांव में रहने वाले जीतू मुंडा की बहन कलारा मुंडा का खाता ओडिशा ग्रामीण बैंक में था। जीतू अपने खाते से 20 हजार रुपये निकालना चाहता था, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने खाताधारक को साथ लाने की शर्त रख दी। जीतू ने बैंक को पहले ही बहन की मौत की जानकारी दी थी, लेकिन उसे नियमों की सही जानकारी नहीं थी और न ही बैंक से कोई सहयोग मिला। आखिरकार मजबूर होकर उसने बहन का कंकाल कब्र से निकालकर बैंक में पेश कर दिया। वह कंधे पर कंकाल लेकर करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचा। इस घटना ने व्यवस्था की संवेदनहीनता और गरीबों की मजबूरी को उजागर किया है।

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