एग्रीगेटर, डिलीवरी सर्विस प्रोवाइड पर सख्ती : अब परिवहन विभाग से लेना होगा लाइसेंस, मुख्यालय ने अजमेर परिवहन कार्यालय से मांगी रिर्पोट
व्हीकल लोकेश ट्रैकिंग डिवाइस, किराया नियंत्रण आदि बिंदु शामिल
परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं का डेटा एकत्र करना शुरू। राजस्थान मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियम 2025 के तहत सभी को लाइसेंस लेना अनिवार्य। सुरक्षा, बीमा, पैनिक बटन और ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल। विभाग ने प्रादेशिक कार्यालयों से अनुपालन रिपोर्ट मांगी।
अजमेर। एग्रीगेटर, डिलीवरी सर्विस प्रोवाइड कराने वालों को अब परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना होगा। अजमेर में परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर, डिलीवरी सर्विस वालों के बारे में जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है। प्रदेश के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने पिछले दिनों सभी प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों को राजस्थान एग्रीगेटर/ डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम नियम 2025 की पालना करने के सम्बंध मे पत्र लिखा था। पत्र में उल्लेख किया है कि गत वर्ष 30 दिसम्बर को राजस्थान एग्रीगेटर/ डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम नियम 2025 की अधिसूचना जारी की गई थी। इसके तहत सभी एग्रीगेटर/ डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर को लाइसेंस प्राप्त करने के निर्देश दिए गए थे। अब सभी प्रादेशिक परिवहन कार्यालयों को रिपोर्ट भेजनी होगी कि कितने एग्रीगेटर, डिलीवरी सर्विस वालो ने लाइसेंस लिए हैं। एग्रीगेटर सर्विस एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो अलग-अलग सेवा प्रदाताओं से सेवाओं को एकत्र करते हैं और उन्हें ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं। जैसे वाहन सेवा या फूड डिलीवरी इत्यादि।
अब राजस्थान सरकार ने राजस्थान मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियम 2025 कोलागू कर दिया है। यह यात्रियों व चालक की सुरक्षा, उनका बीमा, वाहनों में पैनिक बटन, व्हीकल लोकेश ट्रैकिंग डिवाइस, किराया नियंत्रण आदि बिंदु शामिल हैं।

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