परिवहन विभाग अन्य राज्यों के ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन का करेगा अध्ययन
राज्य सेवा में होने पर प्राथमिकता आदि शामिल हैं
भाजपा शासित राज्यों में अपनाई जा रही नीति का अध्ययन कर प्रदेश में एटीएस के लाइसेंस जारी करने पर फैसला होगा। फिलहाल प्रदेश में दो ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन संचालित हैं।
जयपुर। प्रदेश में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए परिवहन विभाग ने अन्य राज्यों की पॉलिसी का अध्ययन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग ने डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा के निर्देश पर एक टीम भी गठित की है।कमेटी के सदस्य प्रदेश में एटीएस खोलने के लिए दूसरे राज्यों की नीति का अध्ययन करेंगे। विभाग ने अतिरिक्त आयुक्त कुसुम राठौड़ के नेतृत्व में कमेटी गठित की है। कमेटी गुजरात, यूपी, मध्य प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों में अध्ययन करेगी। भाजपा शासित राज्यों में अपनाई जा रही नीति का अध्ययन कर प्रदेश में एटीएस के लाइसेंस जारी करने पर फैसला होगा। फिलहाल प्रदेश में दो ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन संचालित हैं।
ट्रांसफर पॉलिसी भिजवाई
विभाग ने एसीएस श्रेया गुहा को ट्रांसफर पॉलिसी का तैयार ड्राफ्ट भिजवा दिया है। पॉलिसी में तीन साल से अधिक एक जिले में पदस्थापित नहीं रहने, दुबारा जिले में पांच साल बाद पदस्थापित होने, परफॉर्मेंस आधार पर ट्रांसफर किए जाने, गंभीर बीमारियों के आधार पर ट्रांसफर में प्राथमिकता, पति-पत्नी को राज्य सेवा में होने पर प्राथमिकता आदि शामिल हैं।
कमिश्नर के निरीक्षण के बाद कार्रवाई
मुख्यालय में परिवहन आयुक्त डॉ. मनीषा अरोडा के निरीक्षण के बाद प्रशासनिक शाखा के श्याम सिंह राजपुरोहित को फाइलों की पेंडेंसी पर नोटिस दिया गया है। अरोड़ा ने सभी कार्मिकों को फाइलों की पेंडेंसी कम करने के निर्देश दिए हैं।

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