विधानसभा में उठा आदिवासी मुद्दा : विधायक थावरचंद ने कहा- घोषणाएं बहुत, ज़मीन पर कुछ नहीं
आदिवासी समाज के साथ बार-बार धोखा हो रहा
राज्यपाल के अभिभाषण पर गुरुवार को विधानसभा में हुई बहस के दौरान धरियावद विधायक थावरचंद ने आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाया। कहा कि बजट में हर बार आदिवासियों के लिए लाखों की घोषणाएं की जाती, लेकिन धरातल पर उनका असर दिखाई नहीं देता और आदिवासी समाज के साथ बार-बार धोखा हो रहा।
जयपुर। राज्यपाल के अभिभाषण पर गुरुवार को विधानसभा में हुई बहस के दौरान धरियावद विधायक थावरचंद ने आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि बजट में हर बार आदिवासियों के लिए लाखों की घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन धरातल पर उनका असर दिखाई नहीं देता और आदिवासी समाज के साथ बार-बार धोखा हो रहा है। थावरचंद ने कहा कि आज भी कई आदिवासी परिवारों को उनकी जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। उन्होंने झालावाड़ में स्कूल हादसे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि आश्रितों को शिक्षा विभाग की ओर से मुआवजे के रूप में बकरियां दी गईं, जो बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि आज भी बच्चे तीन से चार किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। हर साल लाखों पेड़ लगाने के दावों पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति अलग है। विधायक ने डूंगरी बांध का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके नाम पर हजारों परिवारों को उजाड़ने की बात की जा रही है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी को नाजायज तरीके से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आदिवासियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर परेशान करने का भी आरोप लगाया और कहा कि विकास के नाम पर आदिवासी समुदाय को उजाड़ा जा रहा है।

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